Home » उत्तर प्रदेश » मुजफ्फरनगर पोस्ट » नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में 20 साल की सजा: मुज़फ़्फ़रनगर POCSO कोर्ट का फैसला, 17 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया, 2022 में दर्ज हुआ था मुकदमा

नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में 20 साल की सजा: मुज़फ़्फ़रनगर POCSO कोर्ट का फैसला, 17 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया, 2022 में दर्ज हुआ था मुकदमा

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मुज़फ़्फ़रनगर। नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के करीब चार साल पुराने मामले में मुज़फ़्फ़रनगर की विशेष POCSO अदालत ने किशोर अपचारी को 20 वर्ष के कारावास और 17 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला शनिवार 3 अक्टूबर 2026 को सुनाया।

मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। दक्षिणी कृष्णापुरी निवासी व्यक्ति ने 28 सितंबर 2022 को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया गया था कि उनकी नाबालिग बेटी को 27 सितंबर को लकड़संधा निवासी किशोर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।

शिकायत के आधार पर शहर कोतवाली में धारा 363 और 366 आईपीसी तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। 30 सितंबर 2022 को किशोर अपचारी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। मामले की विवेचना पूरी होने के बाद 13 अक्टूबर 2022 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से गवाह और साक्ष्य अदालत के सामने रखे गए। एडीजीसी प्रदीप बालियान और एडीजीसी दिनेश शर्मा ने अभियोजन की ओर से पैरवी की। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किशोर अपचारी को संबंधित धाराओं में दोषी माना।

विशेष POCSO अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कारावास और 17 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। करीब चार साल पुराने इस मामले में अदालत के फैसले के साथ अब सजा का निर्धारण हो गया है।

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