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जन्माष्टमी की रात किशोरी से गैंगरेप के आरोपित समीर की जमानत खारिज: तीन युवकों पर लगा था आरोप; पॉक्सो कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को माना अहम आधार

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मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपित समीर को अदालत से राहत नहीं मिल सकी है। छपार थाना क्षेत्र के इस मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने मामले के तथ्यों, अभियोजन पक्ष के कथानक और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार किया। समीर पर दो अन्य युवकों के साथ मिलकर किशोरी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा था।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, चार सितंबर 2026 की रात करीब 12 बजे किशोरी घर पर नहीं मिली तो परिजनों ने तलाश शुरू की। घर में रखे मोबाइल फोन की जांच के दौरान समीर का नंबर सामने आया। शिकायत के अनुसार, जानकारी करने पर किशोरी के समीर के घर होने की बात पता चली। परिजन उसे वापस लेकर आए तो उसने समीर के साथ दो अन्य युवकों अव्वलीन और सलमान के नाम बताए।

अदालत के आदेश में दर्ज अभियोजन कथानक के अनुसार, किशोरी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183 के तहत दर्ज बयान में आरोप लगाया कि जन्माष्टमी की रात मंदिर जाने के दौरान तीनों युवकों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। शिकायतकर्ता ने पुलिस से कार्रवाई और किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण कराने की मांग की थी। मामले में छपार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने समीर को निर्दोष बताते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने का दावा किया। बचाव पक्ष ने प्राथमिकी दर्ज कराने में देरी, किशोरी की उम्र और घटना के प्रत्यक्षदर्शी नहीं होने जैसे बिंदु उठाए। साथ ही, शिकायतकर्ता और समीर के परिवार के बीच एक लाख रुपये के कथित लेनदेन को लेकर विवाद होने की दलील भी दी गई। बचाव पक्ष ने दावा किया कि इसी विवाद के कारण आरोपित को फंसाया गया है।

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अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश तथा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनोज कुमार सिद्ध ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने अभियोजन के कथानक में सामने आए आरोपों और अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखा। यह मामला छपार थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 188/2026 से संबंधित है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 70(2), 61(2) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 लगाई गई हैं।

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