मुजफ्फरनगर में बढ़ते प्रदूषण और जहरीली हवा से जूझते लोगों की शिकायतों पर आखिरकार स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय प्रदूषण अधिकारी गीतेश चंद्रा के नेतृत्व में सहायक पर्यावरण इंजीनियर कुंवर संतोष कुमार और जेई आकाश जोशी की टीम ने जिले के कई इलाकों में छापेमारी की और अवैध इकाइयों पर तगड़ी कार्रवाई की।
यह कार्रवाई GRAP-2 लागू होने के बाद की सबसे बड़ी और सबसे प्रभावी कार्रवाई मानी जा रही है।

वहलना और सुजडू में कार्रवाई
शहर से सटे वहलना गांव के पास स्थित दो अवैध वेस्ट पॉलीथीन को गैरकानूनी तरीके से पिघलाकर गोला बनाने वाले शाह आलम और साजिद के प्लांट को टीम ने सील कर दिया।
साथ ही इसी इलाके में शारिक के मेटल ग्रेनिंग प्लांट और सुजडू के साहिद के प्लांट को भी सील कर दिया गया। ये सभी इकाइयां बिना किसी अनुमति के चल रही थीं और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रही थीं।

जौला गांव में ईंट भट्ठा सील
शनिवार को शिकायत के आधार पर जेई आकाश जोशी और बुढ़ाना तहसील के नायब तहसीलदार की टीम ने जौला गांव में संचालित राव ब्रिक्स फिल्ड नामक ईंट भट्ठे को सील कर दिया। यह भट्ठा बिना किसी अनुमति के और NGT के स्पष्ट निर्देशों के खिलाफ चल रहा था।
भट्ठे से निकलने वाला धुआं आसपास के खेतों और गांवों में फैल रहा था, जिससे फसलें और लोगों की सेहत दोनों प्रभावित हो रही थीं।

8 अवैध प्लास्टिक गोदामों पर भी शिकंजा
प्रदूषण विभाग ने अवैध रूप से संचालित 8 प्लास्टिक गोदामों को भी सील कर दिया। इनमें शामिल हैं—
- धंधेडा के नूरसलीम, रणवीर सिंह एवं परवेज मलिक के गोदाम
- मखियाली स्थित पीएम आवास योजना के समीप एमएस इंटरप्राइजेज
- धंधेडा के मोहम्मद वाजिद
- मखियाली के सिप्पी गुप्ता
- मखियाली के मोहम्मद जाहिद
- धंधेडा के मोहम्मद उस्मान
- शहर के रुड़की रोड एकता विहार के पास मोहम्मद साजिद का प्लास्टिक एवं वेस्ट पॉलीथीन गोदाम
ये सभी गोदाम बिना किसी अनुमति के चलाए जा रहे थे और इनसे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा था।

अधिकारी का साफ संदेश
- सहायक पर्यावरण इंजीनियर कुंवर संतोष कुमार ने कहा,
“GRAP-2 लागू होने के कारण इस तरह की कार्रवाई लगातार की जा रही है और आगे भी जारी रहेगी। प्रदूषण फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। हम जिले को साफ हवा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
प्रदूषण से जूझते लोगों की राहत
यह कार्रवाई इलाके के लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। महीनों से काला धुआं, जहरीली गंध और सांस की बीमारियों से परेशान ग्रामीणों ने प्रदूषण विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई की सराहना की है।




