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‘रॉकी मिस्ट्री’ में बड़ा मोड़: पत्नी, सौतेले बेटे और पुत्रवधू पर अपहरण का मुकदमा, परिवार ने लगाया हत्या कर शव ठिकाने लगाने का आरोप

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मुज़फ़्फ़रनगर के बेहड़ा अस्सा गांव से 18 मई से लापता विकसित उर्फ रॉकी का मामला अब साधारण गुमशुदगी से कहीं आगे बढ़ चुका है। कई दिनों तक अनिश्चितता और अटकलों के बीच चल रहे इस प्रकरण में पुलिस ने रॉकी की पत्नी रेणु, उसके बेटे बादल, पुत्रवधू निशा और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण एवं साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। रॉकी के पिता मगन सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे का अपहरण कर उसकी हत्या की गई और शव को ठिकाने लगा दिया गया। हालांकि, पुलिस को अभी तक न तो रॉकी का कोई पता चला है और न ही किसी कथित हत्या की स्वतंत्र पुष्टि हुई है। ऐसे में यह मामला अब जिले की सबसे चर्चित और रहस्यमय जांचों में शामिल हो गया है।

18 मई को घर से निकला, फिर नहीं लौटा

सिखेड़ा थाना क्षेत्र के बेहड़ा अस्सा गांव निवासी विकसित उर्फ रॉकी 18 मई से लापता है।
परिवार के अनुसार, उसी दिन उसकी पत्नी रेणु उसे गांव स्थित घर से अपने साथ ले गई थी। आरोप है कि रेणु ने परिवार को बताया था कि वह रॉकी को बड़ौत होते हुए ऋषिकेश लेकर जा रही है।
परिजनों का कहना है कि 18 मई की शाम करीब 7 बजे रॉकी की अपनी मां से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और फिर उससे कोई संपर्क नहीं हो सका।

विकसित उर्फ़ रॉकी का फाइल फोटो

पत्नी पर बदलते बयान देने का आरोप

रॉकी के परिजनों का आरोप है कि उसके लापता होने के बाद रेणु लगातार अलग-अलग बातें बताकर परिवार को गुमराह करती रही।
परिवार का दावा है कि जब सवाल बढ़ने लगे तो 26 मई को रेणु, उसका बेटा बादल और पुत्रवधू निशा अचानक गायब हो गए।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

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रॉकी की आरोपित पत्नी रेणु (फाइल फोटो)

अपहरण और साक्ष्य मिटाने का मुकदमा

पीड़ित पिता मगन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने रेणु, बादल, निशा और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(1) (अपहरण) और धारा 238 (साक्ष्य मिटाने) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
परिवार ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि रॉकी की हत्या कर उसका शव ठिकाने लगाया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हत्या की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।

जिस स्कार्पियो कार द्वारा विकसित उर्फ रॉकी को ले जाया गया

CCTV फुटेज से बढ़े सवाल

मामले में नया मोड़ तब आया जब गांव से एक काले रंग की स्कॉर्पियो की CCTV फुटेज सामने आई।
परिवार और ग्रामीणों का दावा है कि यही वह वाहन है, जिसमें रॉकी को घर से ले जाया गया था।
हालांकि, पुलिस अभी फुटेज की जांच कर रही है और इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

28 मई को बेहड़ा अस्सा गांव में आयोजित पंचायत में मौजूद ग्रामीण

पंचायत, प्रदर्शन की चेतावनी और फिर मुकदमा

परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में मामले को केवल गुमशुदगी के रूप में देखा गया।
इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई और आंदोलन की चेतावनी दी गई। मामला तूल पकड़ने के बाद परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की।

बीती रात परिवार के बीच पहुंचे CO राजू कुमार साव ग्रामीणों से वार्ता करते हुए

पांच टीमें कर रहीं जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने जांच की जिम्मेदारी सीओ नई मंडी राजू कुमार साव को सौंपी है।
पुलिस के अनुसार, सिखेड़ा थाना पुलिस, स्पेशल क्राइम टीम समेत कुल पांच टीमें मामले की जांच में लगी हुई हैं।
शनिवार रात सीओ राजू कुमार साव स्वयं बेहड़ा अस्सा पहुंचे और परिवार व ग्रामीणों से मुलाकात कर जांच में तेजी लाने का भरोसा दिया।

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परिवार की पृष्ठभूमि भी चर्चा में

परिवार के अनुसार, विकसित और रेणु दोनों की यह दूसरी शादी थी।
रेणु के पहले पति की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि विकसित का अपनी पहली पत्नी से कई वर्ष पहले तलाक हो चुका था। करीब पांच वर्ष पहले दोनों ने प्रेम विवाह किया था।
उनका एक तीन वर्षीय बेटा भी है, जो फिलहाल अपने दादा मगन सिंह के पास रह रहा है।

रेणु का आरोपित बड़ा बेटा बादल तोमर (पहले पति का बेटा)

सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार

मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है, लेकिन सबसे अहम सवाल अब भी अनुत्तरित है—विकसित उर्फ रॉकी आखिर है कहां?
यदि वह जीवित है तो अब तक सामने क्यों नहीं आया? और यदि उसके साथ कोई अपराध हुआ है, तो उसके पीछे की सच्चाई क्या है?
इन सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस की कई टीमें जुटी हैं, जबकि पूरे जिले की नजर अब इस बहुचर्चित मामले की जांच पर टिकी हुई है।

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