मुज़फ़्फ़रनगर। मेरठ में हुए हालिया विवाद के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए संयुक्त हिंदू मोर्चा ने सरकार से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। संगठन के अध्यक्ष मनोज सैनी ने रविवार दोपहर करीब 2 बजे आयोजित एक बैठक के दौरान कहा कि यदि पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें आती रहीं तो इसका असर सरकार की छवि और आगामी चुनावों पर भी पड़ सकता है।
मनोज सैनी ने कहा कि किसी भी घटना में यदि पुलिस की ओर से अनुचित व्यवहार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन पूरे मामले को जातीय संघर्ष का रूप देना समाज के लिए नुकसानदायक होगा। उनका कहना था कि कानून व्यवस्था का विषय जाति से ऊपर होना चाहिए और पुलिस की कार्रवाई का मूल्यांकन भी उसी आधार पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई मौकों पर हिंदू संगठनों और भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि प्रशासन को सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए, तभी जनता का विश्वास बना रहेगा।
प्रेस वार्ता के दौरान मनोज सैनी ने दलित समाज से भी अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक बयानबाजी से प्रभावित होने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी राय बनाएं। उन्होंने कुछ नेताओं की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सभी मामलों में समान रूप से आवाज उठनी चाहिए।
हालांकि, प्रेस वार्ता में व्यक्त किए गए सभी विचार संयुक्त हिंदू मोर्चा और उसके पदाधिकारियों के हैं। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जिन व्यक्तियों का उल्लेख किया गया है, उनकी ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस अवसर पर प्रदेश महासचिव डॉ. योगेंद्र शर्मा, संयुक्त हिंदू महासंघ के अध्यक्ष अखिलेश जाटव, राजेश कश्यप, वीरेंद्र त्यागी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।



