मुज़फ़्फ़रनगर। तितावी थाना क्षेत्र में यूपी पुलिस के सिपाही पर फायरिंग करने वाले तीन नकाबपोश बदमाशों का कई दिन बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं लग सका है। पीपलहेड़ा गांव के पास नहर पटरी पर ईख के खेत में मौजूद बदमाशों ने पुलिस टीम को देखकर गोली चला दी थी। इसमें मुख्य आरक्षी अजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए आठ से दस पुलिस टीमें लगाई गई हैं। एसओजी, सर्विलांस और डॉग स्क्वॉड की मदद से भी तलाश की जा रही है।
आपको बता दें कि 24 अक्टूबर की शाम मुख्य आरक्षी अजीत कुमार और आरक्षी विपिन कुमार की ड्यूटी क्षेत्र में एक सूचना के आधार कुछ संदिग्धों की तलाश में लगाई गई थी। दोनों पीपलहेड़ा गांव से नहर पटरी के रास्ते छतैला गांव की ओर जा रहे थे। शाम करीब छह बजे पीपलहेड़ा नहर पटरी के पास ईख के खेत में उन्हें तीन संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। तीनों ने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे।
पुलिसकर्मी पूछताछ के लिए उनके पास पहुंचे तो आरोप है कि संदिग्धों ने ‘मारो गोली, ये पुलिस वाले हैं’ कहते हुए फायरिंग कर दी।
गोली मुख्य आरक्षी अजीत कुमार की बाईं बगल में लगी और वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। फायरिंग के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल पुलिसकर्मी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उपचार के दौरान उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई थी। अजीत कुमार की तहरीर पर तितावी थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
घटना के बाद SSP सूरज कुमार राय ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को निर्देश दिए थे। सहारनपुर परिक्षेत्र के डीआईजी अभिषेक सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।
एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक के अनुसार, अब तक 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। आठ से दस पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हैं। लालूखेड़ी चौकी पर अस्थायी कैंप कार्यालय बनाया गया है, जहां से कार्रवाई की निगरानी की जा रही है। एडीजी और डीआईजी स्तर के अधिकारी भी मामले पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस को ऐसी ठोस जानकारी नहीं मिली है, जिसके आधार पर हमलावरों तक पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

