मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में शहर के प्रमुख वहलना चौक का नाम बदलकर “महाराणा प्रताप चौक” किए जाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद अब वहलना चौक को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के नाम से जाना जाएगा। प्रस्ताव पारित होने पर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने नगर पालिका चेयरपर्सन और सभी बोर्ड सदस्यों का आभार जताया है।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के महान योद्धाओं में से एक हैं, जो अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि उनके नाम पर शहर के प्रमुख चौक का नामकरण केवल नाम बदलने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश के गौरवशाली इतिहास और महान विभूतियों के सम्मान का प्रतीक है।
मंत्री बोले- महाराणा प्रताप चौक बनेगा राष्ट्र गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि महाराणा प्रताप के नाम से चौक की पहचान होने से नई पीढ़ी को उनके जीवन, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि वीर योद्धा महाराणा प्रताप का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, त्याग और आत्मसम्मान का संदेश देता रहेगा।
मंत्री ने बताया कि इस विषय को लेकर वह लंबे समय से प्रयासरत थे। इससे पहले भी उन्होंने जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर मेरठ की ओर से शहर में प्रवेश स्थल के पास महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थापित करने के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया था।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चौक का नाम बदलना नहीं, बल्कि इस स्थान को महाराणा प्रताप के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देने वाले केंद्र के रूप में विकसित करना है।
मंत्री ने विश्वास जताया कि नगर पालिका बोर्ड द्वारा पारित यह प्रस्ताव जल्द ही धरातल पर दिखाई देगा और “महाराणा प्रताप चौक” भविष्य में मुजफ्फरनगर की नई पहचान बनेगा। यह स्थान राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान के प्रमुख प्रतीकों में शामिल होगा।
उन्होंने नगर पालिका परिषद की चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप, सभी सभासदों और बोर्ड सदस्यों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह निर्णय जनभावनाओं के अनुरूप है। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति, इतिहास और महान व्यक्तित्वों के सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।



