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नीता अंबानी की बड़ी पहल, अब हर सप्ताह मिलेगा ब्रेल अखबार, दृष्टिबाधित पाठकों तक पहुंचेगी देश-दुनिया की खबरें

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मुंबई। दृष्टिबाधित लोगों को समाचार और जरूरी जानकारियों से जोड़ने की दिशा में रिलायंस फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी की पहल के तहत अब हिंदी और मराठी भाषा में प्रकाशित होने वाले ब्रेल अखबार हर सप्ताह पाठकों तक पहुंचेंगे। अभी तक इन अखबारों का प्रकाशन पाक्षिक आधार पर किया जाता था, लेकिन अब इन्हें साप्ताहिक किए जाने से दृष्टिबाधित पाठकों को देश-दुनिया की घटनाओं, समसामयिक मुद्दों और समाज से जुड़ी खबरों की जानकारी अधिक नियमित रूप से मिल सकेगी।

रिलायंस फाउंडेशन अपने दृष्टि कार्यक्रम के तहत नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इंडिया के साथ मिलकर इन अखबारों का प्रकाशन करता है। इन ब्रेल अखबारों के पाठकों की संख्या 30 हजार से अधिक बताई गई है। प्रकाशन की आवृत्ति बढ़ने से पाठकों को समाचारों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे आसपास की घटनाओं के साथ राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से भी बेहतर तरीके से जुड़े रह सकेंगे।

नीता अंबानी की पहल से दृष्टिबाधित लोगों को मिलेगा लाभ

रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी लंबे समय से नेत्र स्वास्थ्य और दृष्टिबाधित लोगों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने से जुड़ी पहलों का समर्थन करती रही हैं। इसी वर्ष जनवरी में मुंबई में नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इंडिया के 75वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान उन्होंने फाउंडेशन की ओर से पांच करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी।

ब्रेल अखबारों का साप्ताहिक प्रकाशन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य दृष्टिबाधित लोगों के लिए सूचना तक पहुंच को अधिक नियमित और सुगम बनाना है। समाचार समाज को समझने, अपने आसपास होने वाले बदलावों से परिचित रहने और महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी राय बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में ब्रेल के माध्यम से नियमित समाचार उपलब्ध होना दृष्टिबाधित पाठकों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

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हिंदी और मराठी में अखबार प्रकाशित होने से इन भाषाओं को पढ़ने वाले पाठकों को अपनी पसंद की भाषा में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साप्ताहिक प्रकाशन के जरिए समाचारों की उपलब्धता बढ़ने के साथ सूचना के क्षेत्र में समावेशिता को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

30 हजार से अधिक पाठकों तक पहुंच रहे ब्रेल अखबार

रिलायंस फाउंडेशन और एनएबी इंडिया के सहयोग से प्रकाशित होने वाले हिंदी और मराठी ब्रेल अखबार पहले हर पंद्रह दिन में पाठकों तक पहुंचते थे। अब इनका प्रकाशन हर सप्ताह किए जाने की योजना है। इससे पाठकों को समाचारों और समसामयिक घटनाओं की जानकारी अधिक नियमित रूप से मिलेगी।

ब्रेल लिपि दृष्टिबाधित लोगों के पढ़ने और लिखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए पाठक स्पर्श के माध्यम से अक्षरों और शब्दों को पहचानते हैं। ब्रेल अखबार दृष्टिबाधित लोगों को स्वतंत्र रूप से समाचार पढ़ने का अवसर देते हैं और उन्हें दूसरों पर निर्भर हुए बिना जानकारी हासिल करने में मदद करते हैं।

आज के दौर में समाचारों की दुनिया तेजी से बदल रही है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक मुद्दों से संबंधित घटनाओं की जानकारी समय पर मिलना जरूरी है। ऐसे में ब्रेल अखबारों को पाक्षिक से साप्ताहिक करना पाठकों के लिए सूचना की उपलब्धता को बेहतर बनाने वाला कदम है।

वर्ष 2003 में शुरू हुआ था दृष्टि कार्यक्रम

रिलायंस फाउंडेशन ने वर्ष 2003 में दृष्टि कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को बेहतर नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराना और दृष्टिबाधित लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए प्रयास करना है। इसके तहत आंखों की जांच, कॉर्निया प्रत्यारोपण और चश्मे उपलब्ध कराने जैसी सेवाओं पर काम किया जाता है।

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इन सेवाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए रिलायंस फाउंडेशन ने नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इंडिया, शंकरा आई फाउंडेशन और अरविंद आई केयर सिस्टम जैसी संस्थाओं के साथ साझेदारी की है। इस सहयोग के माध्यम से नेत्र स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल आंखों की बीमारियों का उपचार उपलब्ध कराना ही नहीं है, बल्कि दृष्टिबाधित लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके लिए बेहतर सामाजिक अवसर तैयार करने की दिशा में भी काम करना है।

दो लाख से अधिक लोगों तक पहुंची मदद

रिलायंस फाउंडेशन के अनुसार, दृष्टि कार्यक्रम के माध्यम से अब तक दो लाख से अधिक लोगों को मदद पहुंचाई जा चुकी है। फाउंडेशन का कहना है कि इस पहल के तहत 22,500 से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी लौटाने में भी सहायता मिली है।

नेत्र स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं जरूरतमंद लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती हैं। समय पर जांच, उचित उपचार और चश्मे जैसी सुविधाएं कई लोगों को बेहतर तरीके से दैनिक गतिविधियां करने में मदद करती हैं। वहीं, जिन लोगों को दृष्टिबाधिता का सामना करना पड़ता है, उनके लिए पढ़ाई, रोजगार, सूचना और सामाजिक भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है।

दृष्टि कार्यक्रम के अंतर्गत ब्रेल अखबारों का प्रकाशन इसी व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है। एक ओर जहां नेत्र चिकित्सा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर दृष्टिबाधित लोगों तक समाचार और जरूरी जानकारी पहुंचाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

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सूचना तक समान पहुंच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

समाचार और जानकारी तक पहुंच किसी भी व्यक्ति की सामाजिक भागीदारी के लिए महत्वपूर्ण है। दृष्टिबाधित लोगों के लिए सुलभ प्रारूप में सामग्री उपलब्ध होने से उन्हें अपने आसपास की दुनिया को समझने और विभिन्न विषयों पर जानकारी हासिल करने में सहायता मिलती है।

हिंदी और मराठी ब्रेल अखबारों को साप्ताहिक किए जाने से पाठकों को नियमित रूप से समाचार पढ़ने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें समसामयिक घटनाओं से जुड़े रहने के साथ सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में अधिक सक्रिय भागीदारी का अवसर भी मिल सकता है।

रिलायंस फाउंडेशन और एनएबी इंडिया की यह पहल नेत्र स्वास्थ्य, सुलभ सूचना और दृष्टिबाधित लोगों के सशक्तीकरण को एक साथ जोड़ती है। इसका प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दृष्टिबाधिता किसी व्यक्ति की जानकारी हासिल करने और समाज से जुड़े रहने की क्षमता में बाधा न बने।

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