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ओवैसी का BJP-RSS पर बड़ा हमला: यूपी चुनाव से लेकर सिंधु जल संधि तक उठाए सवाल, बोले- ‘भाईचारा कहां है?’

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हैदराबाद। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों, सिंधु जल संधि, भाईचारे और धार्मिक स्वतंत्रता समेत कई मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश चुनाव में उनकी पार्टी की संभावित स्थिति को लेकर अभी कोई आंकड़ा या आकलन देना जल्दबाजी होगी। पार्टी लगातार अपनी तैयारियों में जुटी है और 20 सितंबर के बाद वह दोबारा उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे।

यूपी में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और जनसभाओं की तैयारी

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर जनसभाएं भी की जाएंगी। AIMIM चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी कर रही है।

ओवैसी ने कहा कि फिलहाल पार्टी के संभावित प्रदर्शन को लेकर कोई संख्या बताना उचित नहीं होगा। चुनाव की तैयारियां जारी हैं और आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और गतिविधियां और तेज होंगी।

सिंधु जल संधि पर ओवैसी ने उठाए सवाल

सिंधु जल संधि के मुद्दे पर ओवैसी ने कहा कि संधि को निलंबित करना एक अलग विषय है, लेकिन इसके बाद पानी के इस्तेमाल और भंडारण को लेकर ठोस योजना भी होनी चाहिए।

उन्होंने सवाल किया कि यदि भारत पानी को रोकता है तो उसे कहां जमा किया जाएगा और उसका इस्तेमाल किस तरीके से किया जाएगा। उनके मुताबिक, केवल पानी रोकने की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि उपलब्ध पानी का व्यावहारिक उपयोग कैसे किया जाएगा।

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ओवैसी ने कहा कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते, लेकिन संधि से जुड़े फैसले के बाद पानी के प्रबंधन और इस्तेमाल की स्पष्ट रणनीति भी सामने आनी चाहिए।

भाजपा के भाईचारे के दावे पर सवाल

भाजपा की ओर से भाईचारे की बात किए जाने पर ओवैसी ने सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ भाईचारे की बात की जाती है, जबकि दूसरी तरफ मुसलमानों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिलने की स्थिति बनी हुई है।

उन्होंने समान नागरिक संहिता, मॉब लिंचिंग, धार्मिक सभाओं के नाम पर होने वाली हिंसा और बुलडोजर कार्रवाई जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए पूछा कि ऐसे माहौल में भाईचारा कहां है।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि लोगों के घर गिराने जैसी कार्रवाइयां गलत हैं और इससे जनता को भ्रमित किया जा रहा है।

मुसलमानों के भारत में रहने पर सवाल उठाने वालों की पहचान की मांग

AIMIM प्रमुख ने उन लोगों की पहचान करने की मांग की जो मुसलमानों के भारत में रहने पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के बयानों के पीछे आरएसएस से जुड़ी या उसकी विचारधारा से प्रभावित मानसिकता होती है।

ओवैसी ने कहा कि भारत में रहने वाले सभी नागरिकों के अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।

RSS पर लोकतंत्र को लेकर भी साधा निशाना

ओवैसी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लोकतंत्र में विश्वास नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संघ की विचारधारा में एक झंडा, एक नेता और एक विचारधारा जैसी अवधारणाओं का उल्लेख मिलता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस अलग-अलग मंचों पर अपनी विचारधारा के अलग-अलग संस्करण प्रस्तुत करता है। ओवैसी ने धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर अमेरिकी विदेश विभाग के धार्मिक स्वतंत्रता कार्यालय के दबाव का भी उल्लेख किया और दावा किया कि हाल के कुछ बयान इसी दबाव के कारण दिए जा रहे हैं।

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यूपी में चुनावी जमीन मजबूत करने की कोशिश

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर AIMIM की गतिविधियां आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत हैं। ओवैसी के मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों और जनसभाओं के जरिए संगठन को मजबूत किया जाएगा। हालांकि चुनाव में पार्टी कितनी सीटों पर प्रभाव डाल पाएगी या उसका संभावित प्रदर्शन कैसा रहेगा, इस पर उन्होंने फिलहाल कोई अनुमान देने से इनकार किया है।


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