नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिले में सीवर सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से हुई मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला माना है। एनएचआरसी ने नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष और गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नोएडा प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे सीवर लाइन सफाई अभियान के दौरान एक व्यक्ति जहरीली गैसों के संपर्क में आ गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हस्तक्षेप किया है।
सुरक्षा इंतजामों पर मांगा जवाब
एनएचआरसी ने अपने नोटिस में नोएडा प्राधिकरण और पुलिस आयुक्त से दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने अधिकारियों से पूछा है कि सीवर सफाई के दौरान निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
इसके अलावा सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या एजेंसियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, इसकी भी जानकारी मांगी गई है।
आयोग ने पीड़ित परिवार को दी गई आर्थिक सहायता और मुआवजे की स्थिति की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल करने को कहा है।
सीवर सफाई के दौरान हादसों पर चिंता
सीवर और मैनहोल की सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर पहले भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं। कई मामलों में जहरीली गैसों के कारण सफाई कर्मचारियों की जान जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि ऐसे मामलों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है। इसी को देखते हुए नोएडा की घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल रिपोर्ट तलब की गई है।
फिलहाल संबंधित विभागों की ओर से एनएचआरसी के नोटिस का जवाब तैयार किया जा रहा है। आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।



