लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए पीडीए के मुद्दे पर सवाल उठाए हैं। राज्यसभा चुनाव, इंडिया गठबंधन की बैठक और सपा-कांग्रेस के बीच संभावित सीट बंटवारे को लेकर भी उन्होंने विपक्षी दलों पर तंज कसा।
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले को लेकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव समय-समय पर पीडीए की परिभाषा बदलते रहते हैं। राजभर ने सपा के तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर भी निशाना साधते हुए पीडीए के ‘पी’ और ‘डी’ को परिवार और दौलतमंद से जोड़कर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अब ‘ए’ के लिए भी कोई नया अर्थ तलाशा जा सकता है।
सपा की ओर से भाजपा के कुछ विधायकों के संपर्क में होने के दावे पर राजभर ने कहा कि किस पार्टी के विधायक टूटते हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने पिछले विधान परिषद और राज्यसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए सपा के दावे पर सवाल उठाया।
इंडिया गठबंधन की ओर से चुनाव आयोग और एसआईआर के मुद्दे पर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर भी राजभर ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और उस समय भी चुनाव हुए, जिसके बाद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। राजभर ने कहा कि चुनावी हार के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
उन्होंने 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश में सपा सरकार का भी जिक्र किया। राजभर ने कहा कि उस दौरान सपा के पास प्रदेश की सत्ता थी, लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में जनता ने एनडीए को बहुमत दिया। उन्होंने विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर भी अपनी आपत्ति जताई।
राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा होता है। उन्होंने कांग्रेस और सपा पर राजनीतिक मुद्दों को लेकर आंदोलन करने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए राजभर ने उनके बयानों में मुस्लिम मुद्दों के उल्लेख को लेकर भी निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की। राजभर के इन बयानों पर समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
इंडिया गठबंधन को लेकर राजभर ने दावा किया कि विपक्षी दलों के बीच एकजुटता का अभाव है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में गठबंधन के घटक दल कई बार अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठते हैं।
पीडीए को लेकर राजभर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार पीडीए को अपनी राजनीतिक रणनीति के प्रमुख आधार के रूप में पेश कर रहे हैं, जबकि राजभर समेत भाजपा-एनडीए से जुड़े नेता इस फॉर्मूले पर सवाल उठाते रहे हैं।
