Home » विविध इंडिया » पंजाब में नशे पर सियासी घमासान तेज, केजरीवाल बोले- लड़ाई पंजाब से नहीं मुंद्रा पोर्ट से शुरू होनी चाहिए

पंजाब में नशे पर सियासी घमासान तेज, केजरीवाल बोले- लड़ाई पंजाब से नहीं मुंद्रा पोर्ट से शुरू होनी चाहिए

Facebook
Twitter
WhatsApp

नई दिल्ली। पंजाब में नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। भाजपा की ओर से राज्य में शुरू की गई ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर पलटवार किया है। केजरीवाल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत पंजाब से नहीं, बल्कि गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से होनी चाहिए।

केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर नितिन नवीन की पोस्ट साझा करते हुए कहा कि अगर भाजपा को पंजाब की चिंता है तो उसे गुजरात से आने वाले नशीले पदार्थों को रोकने पर भी ध्यान देना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा पंजाब में नशे के खिलाफ बड़े जनसंपर्क अभियान के तहत चार यात्राएं निकाल रही है।

केजरीवाल ने मुंद्रा पोर्ट को बनाया निशाना

अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत पंजाब से नहीं, मुंद्रा पोर्ट से होनी चाहिए। अगर आपको पंजाब की रत्ती भर भी चिंता है तो गुजरात से आने वाले नशे को रोकिए।”

केजरीवाल की यह टिप्पणी भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के उस बयान के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान की शुरुआत को जरूरी बताया था। केजरीवाल ने भाजपा के अभियान की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए नशीले पदार्थों की सप्लाई के दूसरे स्रोतों पर कार्रवाई की मांग की है।

ALSO READ THIS :  सदन से सड़क तक विपक्ष पर बरसे ओपी राजभर, बोले ‘धरना देने में आगे, चर्चा से भाग रहे राहुल गांधी’

18 सितंबर से शुरू हुई भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’

भाजपा ने पंजाब में नशे के खिलाफ ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है। यह अभियान 18 सितंबर से शुरू हुआ और इसके तहत चार अलग-अलग यात्राएं राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने की योजना के साथ निकाली जा रही हैं। चारों यात्राओं का कुल प्रस्तावित सफर करीब 4,000 किलोमीटर बताया गया है।

भाजपा के मुताबिक अभियान का उद्देश्य नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना और इस मुद्दे को व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप देना है। यात्रा का समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है।

नितिन नवीन ने पंजाब से शुरू करने की बताई थी वजह

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने यात्रा की शुरुआत के दौरान पंजाब में नशे की समस्या को गंभीर मुद्दा बताते हुए युवाओं और राज्य के भविष्य को इससे बचाने की बात कही थी। उन्होंने राज्य सरकार के नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर भी सवाल उठाए।

भाजपा की ओर से कहा गया है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल सरकारी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के व्यापक सहयोग की जरूरत है। भाजपा ने अपनी यात्रा के जरिए नशे के खिलाफ जनजागरूकता और लोगों की भागीदारी बढ़ाने की बात कही है।

AAP ने उठाया गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से ड्रग्स बरामदगी का मुद्दा

केजरीवाल के बयान के पीछे पंजाब सरकार और AAP नेताओं की ओर से पहले उठाया जा चुका मुंद्रा पोर्ट का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ पर सवाल उठाते हुए गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी का मुद्दा उठाया था।

ALSO READ THIS :  प्रयागराज में जलभराव को लेकर अखिलेश यादव बोले- भाजपा राज में सड़कें नदी बन गईं; विकास के दावों पर उठाए सवाल

चीमा ने भाजपा से सवाल किया था कि जब देश के दूसरे हिस्सों से नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पकड़ी जा रही है तो नशे के खिलाफ अभियान को केवल पंजाब तक सीमित क्यों रखा जा रहा है। उन्होंने भाजपा से पहले मुंद्रा पोर्ट से जुड़े मामलों पर जवाब देने की मांग की थी।

भाजपा ने AAP सरकार की कार्रवाई पर उठाए सवाल

दूसरी ओर भाजपा पंजाब में नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर लगातार सवाल उठा रही है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार के मौजूदा अभियानों के बावजूद पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

भाजपा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए हैं। भाजपा का कहना है कि नशे की सप्लाई और तस्करी को रोकने के लिए और अधिक प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।

मुंद्रा पोर्ट बनाम पंजाब की नशा नीति बना सियासी मुद्दा

पंजाब में नशे के खिलाफ भाजपा की यात्रा शुरू होने के साथ ही राजनीतिक बहस का केंद्र केवल राज्य में नशे की समस्या तक सीमित नहीं रहा। AAP नेता गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और दूसरे राज्यों से कथित ड्रग सप्लाई का मुद्दा उठा रहे हैं, जबकि भाजपा पंजाब सरकार की नीतियों और नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल कर रही है।

इस तरह नशे की समस्या को लेकर दोनों दल एक-दूसरे की भूमिका और जिम्मेदारी पर सवाल उठा रहे हैं। हालिया बयानों से साफ है कि पंजाब में नशे का मुद्दा अब सामाजिक समस्या के साथ-साथ दोनों दलों के बीच प्रमुख राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है।

ALSO READ THIS :  दिल्ली-एनसीआर में फिर बढ़ने लगी गर्मी, 36 डिग्री तक पहुंचेगा पारा, कई इलाकों में हवा भी खराब

30 सितंबर को जालंधर में होगा यात्रा का समापन

भाजपा की चारों ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राएं’ राज्य के 117 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरने के बाद 30 सितंबर को जालंधर में समाप्त होने वाली हैं। समापन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है।

आने वाले दिनों में भाजपा की यात्रा और AAP की ओर से मुंद्रा पोर्ट को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच पंजाब में नशे का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में बना रहने की संभावना है। हालांकि, नशे की तस्करी और आपूर्ति से जुड़े आरोपों पर संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष ही अंतिम तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करेंगे।

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें