मुज़फ़्फ़रनगर। दिल्ली में चल रहे युवा आंदोलन और उस दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। फेसबुक लाइव के माध्यम से जारी संदेश में उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के मुद्दों को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार को उनकी बात ध्यानपूर्वक सुननी चाहिए।
राकेश टिकैत ने कहा कि यदि प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर बैठे थे तो पुलिस प्रशासन बातचीत कर या चिकित्सकीय सलाह के आधार पर समाधान निकाल सकता था, लेकिन जबरन धरना स्थल में प्रवेश कर प्रदर्शनकारियों को उठाकर अस्पताल ले जाना उचित नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन इस कार्रवाई का विरोध करती है।
उन्होंने कहा कि देश के युवा जिन मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वे महत्वपूर्ण हैं और उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। टिकैत ने बताया कि 21 जुलाई को प्रस्तावित किसान पंचायत में भी इस विषय पर चर्चा की जाएगी और युवाओं की आवाज को समर्थन दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) इस आंदोलन के साथ खड़ा है। हालांकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रखा जाए और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूरी बनाई जाए।
राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि आंदोलन में बाहरी या असामाजिक तत्वों के शामिल होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में प्रदर्शनकारियों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर शांति बनाए रखनी चाहिए।



