अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित विवाद के बीच मंदिर परिसर में धार्मिक शुद्धिकरण अनुष्ठान शुरू कर दिए गए हैं। राम जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से यज्ञशाला में विशेष पूजा-पाठ, हवन और वाल्मीकि रामायण का पाठ कराया जा रहा है। इस बीच श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बनी हुई है और बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचकर भगवान राम के दर्शन कर रहे हैं।
राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने बताया कि चढ़ावा चोरी मामले के सामने आने के बाद मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि यज्ञशाला में विशेष पूजा, मंत्रोच्चार और हवन की प्रक्रिया चल रही है। इसका उद्देश्य मंदिर परिसर का धार्मिक शुद्धिकरण करना है।
एक सप्ताह से दस दिन तक चलेगा अनुष्ठान
दिनेंद्र दास ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन करीब एक सप्ताह से दस दिन तक चल सकता है। उन्होंने कहा कि भगवान राम की आराधना और धार्मिक विधि-विधान के माध्यम से सकारात्मक वातावरण बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया और इसमें ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों के नामों की चर्चा हुई, तब पाठ और पूजा कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि भगवान राम स्वयं दोषियों को दंड देंगे।
सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
राम मंदिर ट्रस्ट की आगामी बैठक में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की जाएगी। दिनेंद्र दास ने कहा कि कथित चोरी की घटना के बाद सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने एसआईटी जांच पर विश्वास जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
दर्शन व्यवस्था सामान्य, श्रद्धालुओं की भीड़ जारी
दिनेंद्र दास ने बताया कि विवाद के बावजूद राम मंदिर में दर्शन और पूजा-पाठ की व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही है। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है और बड़ी संख्या में भक्त भगवान राम के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मंदिर की धार्मिक गतिविधियां पहले की तरह जारी हैं और श्रद्धालुओं की आस्था पर इस विवाद का कोई असर नहीं पड़ा है।
भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया
इटावा निवासी मौलाना जरजिस अंसारी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम और पांच वक्त का नमाजी बताए जाने के बयान पर भी दिनेंद्र दास ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस बयान को गलत बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण हिंदू धर्म के पूजनीय देवता हैं और उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं और मान्यताओं का सम्मान किया जाना चाहिए।



