मुजफ्फरनगर। पुरकाजी थाना क्षेत्र के मांडला गांव में करीब तीन साल पहले हुए चर्चित सागर अली हत्याकांड में अदालत ने गुरुवार को उसकी पत्नी आशिया और छोटे सौतेले भाई सुहैल को दोषी ठहराया है। अभियोजन के मुताबिक, सागर अली ने अपनी पत्नी और भाई को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था और उनके संबंधों का विरोध किया था। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर शव निर्माणाधीन मकान में बने शौचालय के गड्ढे में छिपा दिया था। अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाने के लिए 13 aktubr की तारीख तय की है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार त्यागी के मुताबिक, सागर अली की पत्नी आशिया और उसका देवर सुहैल एक-दूसरे के संपर्क में थे। सुहैल सऊदी अरब में रहता था और वहां से लौटने के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई। अभियोजन के अनुसार, दोनों सागर अली की गैरमौजूदगी में मिलते थे। 6 जून 2023 को सागर अली ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद उसने उनके संबंधों का विरोध किया।
अभियोजन के मुताबिक, उसी रात सागर अली चारपाई पर सो रहा था। इसी दौरान आशिया और सुहैल ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। आरोप है कि दोनों ने चुनरी (दुपट्टा) से उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद शव को निर्माणाधीन मकान में बने शौचालय के गड्ढे में छिपा दिया गया।
सागर अली के अचानक गायब होने पर उसके चचेरे भाई असलम ने 7 जून 2023 को पुरकाजी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू करने के साथ ही उसके लापता होने की परिस्थितियों की जांच की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पत्नी आशिया और रुड़की में रहने वाले सौतेले भाई सुहैल की भूमिका पर संदेह हुआ।
पुलिस के मुताबिक, दोनों की निशानदेही पर 15 जून 2023 को निर्माणाधीन मकान में बने शौचालय के गड्ढे से सागर अली का शव बरामद किया गया। इसके बाद सागर अली के पिता फरीद की ओर से दोनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।

मामले में आशिया और सुहैल 16 जून 2023 से जेल में बंद हैं। गुरुवार को दोनों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेशी हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए कुल 11 गवाह पेश किए। गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहरा दिया।
अब दोनों दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी। अदालत ने सजा सुनाने के लिए 13 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार त्यागी ने पैरवी की।

