Home » उत्तर प्रदेश » सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण पर इमरान मसूद का हमला, बोले ‘मस्जिद नहीं, संविधान गिराया गया’; काली पट्टी बांधकर विरोध की अपील

सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण पर इमरान मसूद का हमला, बोले ‘मस्जिद नहीं, संविधान गिराया गया’; काली पट्टी बांधकर विरोध की अपील

Facebook
Twitter
WhatsApp

सहारनपुर। जिला प्रशासन कार्यालय परिसर में स्थित मस्जिद को गिराए जाने के बाद सहारनपुर की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे कानून और संविधान से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिद को गिराने की कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं की अनदेखी की गई।

jin88bet.one

इमरान मसूद ने दावा किया कि जिस जमीन को प्रशासन सरकारी कलेक्ट्रेट की जमीन बता रहा है, वह राजस्व रिकॉर्ड में अभी भी वहीद खान और याकूब खान के नाम दर्ज है। उन्होंने कहा कि इसी जमींदारी के दौरान मस्जिद का निर्माण हुआ था और यह धार्मिक स्थल लंबे समय से अस्तित्व में था।

ak168app.baby

राजस्व रिकॉर्ड को लेकर प्रशासन से पूछा सवाल

कांग्रेस सांसद ने कहा कि यदि सरकार का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी थी तो प्रशासन को राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर अपने दावे को साबित करना चाहिए। उनके मुताबिक संबंधित जमीन के रिकॉर्ड सरकार के पास मौजूद हैं और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

ak168app.club

मसूद ने दावा किया कि राजस्व रिकॉर्ड में जमीन के नाम को लेकर स्थिति अलग है। उन्होंने कहा कि इस पहलू को नजरअंदाज करते हुए मस्जिद को अवैध घोषित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

वक्फ बोर्ड को पक्षकार नहीं बनाने पर उठाया सवाल

इमरान मसूद ने दावा किया कि मस्जिद वक्फ बोर्ड में पंजीकृत थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मस्जिद के वक्फ से जुड़े होने का दावा था तो संबंधित कानूनी कार्रवाई में वक्फ बोर्ड को पक्षकार क्यों नहीं बनाया गया।

ALSO READ THIS :  राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर मायावती का अखिलेश पर निशाना, बोलीं- पीडीए के नाम पर छलावा कर रही सपा

ks168app.site

उन्होंने ‘वक्फ बाय यूजर’ के प्रावधान का भी उल्लेख किया। मसूद के मुताबिक यदि कोई इमारत लंबे समय से मस्जिद के रूप में इस्तेमाल होती रही है और वहां लगातार नमाज अदा की जाती रही है तो उसके धार्मिक स्वरूप से जुड़े तथ्यों को भी कानूनी प्रक्रिया में महत्व दिया जाना चाहिए।

ic88

‘करीब 70 साल से मौजूद थी मस्जिद’

कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि संबंधित मस्जिद करीब 70 वर्षों से मौजूद थी और वहां लगातार नमाज अदा की जाती रही। उन्होंने कहा कि लंबे समय से धार्मिक गतिविधियां संचालित होने के दावे की भी कानूनी जांच होनी चाहिए थी।

ic88

मसूद ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल के स्वरूप और उसके उपयोग से जुड़े तथ्यों को नजरअंदाज करके सीधे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड को सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट करने की मांग की।

ic88

रात में कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप

इमरान मसूद ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रात में मस्जिद को बंद कराया गया और वहां रखा सामान हटाया गया। इसके बाद रातभर में ढांचे को गिरा दिया गया।

उन्होंने दावा किया कि इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था और आसपास रहने वाले लोगों को अपने घरों से निकलने की अनुमति नहीं दी गई। मसूद ने यह भी आरोप लगाया कि ध्वस्तीकरण के बाद मलबा भी तत्काल हटा दिया गया।

ic88

ALSO READ THIS :  हरिद्वार में मैकेनिक हैप्पी हत्याकांड का खुलासा, मुठभेड़ में शूटर के पैर में लगी गोली; दूसरा बदमाश फरार

‘मस्जिद नहीं, संविधान गिरा रहे हैं’

कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए इमरान मसूद ने कहा, “वे मस्जिद नहीं गिरा रहे हैं, वे देश के संविधान को गिरा रहे हैं।”

lr88

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। मसूद ने यह भी दावा किया कि हाईकोर्ट के समक्ष वक्फ बोर्ड को उचित तरीके से पक्षकार नहीं बनाया गया और मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

जेपीसी सदस्य रहने का भी दिया हवाला

इमरान मसूद ने कहा कि वह संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी के सदस्य रह चुके हैं और वक्फ से जुड़े प्रावधानों की जानकारी रखते हैं। उन्होंने ‘वक्फ बाय यूजर’ से संबंधित प्रावधानों में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि किसी बदलाव को पिछली तारीख से लागू नहीं किया जा सकता।

lr88

उनका कहना है कि पुराने मामलों पर नए प्रावधानों को पीछे की तारीख से लागू करने का सवाल भी कानूनी तौर पर महत्वपूर्ण है और इसकी जांच आवश्यक है।

lr88

कांग्रेस कानूनी लड़ाई लड़ेगी

कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले को कानूनी दायरे में रहकर उठाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर कानूनी विकल्पों पर भी आगे कदम उठाया जा सकता है।

lr88

मसूद ने कहा कि मामले में संविधान और कानून के तहत जो भी रास्ते उपलब्ध हैं, उनका इस्तेमाल किया जाएगा और पूरे घटनाक्रम को मजबूती से उठाया जाएगा।

op88

सहारनपुर के लोगों से काली पट्टी बांधने की अपील

इमरान मसूद ने सहारनपुर के लोगों से प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई वाले दिन को सहारनपुर के लिए “काला दिन” बताया।

ALSO READ THIS :  जीएसटी फर्जीवाड़े पर लखनऊ पुलिस का बड़ा एक्शन: फर्जी फर्म बनाकर कर चोरी करने वाले 4 शातिर गिरफ्तार

मसूद की अपील के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। वहीं प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया और अदालत के आदेश के आधार पर की गई है।

si88

प्रशासन के दावे से अलग है कांग्रेस का रुख

मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर प्रशासन और कांग्रेस की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि संबंधित निर्माण को अवैध घोषित करने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई, जबकि इमरान मसूद जमीन के राजस्व रिकॉर्ड, वक्फ बोर्ड की भूमिका, धार्मिक उपयोग और कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

88v

अब इस पूरे मामले में कानूनी स्तर पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और राजनीतिक विरोध किस दिशा में जाता है, इस पर नजर बनी हुई है। सहारनपुर में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती होगी।

SEXXXXX-VN

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें