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सावन के दूसरे सोमवार पर उमड़ा आस्था का महासैलाब: हरिद्वार से देवघर तक गूंजे ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे!

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हरिद्वार। सावन के दूसरे सोमवार पर देशभर के शिवालयों में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। उत्तराखंड के हरिद्वार से लेकर झारखंड के देवघर और असम के नागांव तक भगवान शिव के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही भक्त हाथों में गंगाजल और पूजा सामग्री लेकर मंदिरों की ओर पहुंचते नजर आए। शिवालयों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

सावन के दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कई प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए गए।

कनखल के दक्षेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

हरिद्वार के कनखल स्थित ऐतिहासिक दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में भक्त गंगा जल लेकर मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।

मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।

एक श्रद्धालु ने बताया कि दक्षेश्वर महादेव मंदिर बेहद पवित्र स्थान है। उन्होंने कहा कि मंदिर में सती कुंड भी स्थित है और यहां दर्शन करके उन्हें बेहद आध्यात्मिक अनुभूति हुई। श्रद्धालु के मुताबिक, ऐसा महसूस होता है जैसे स्वयं भगवान शिव यहां विराजमान हों।

उन्होंने कहा कि दक्षेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव का ससुराल भी कहा जाता है। वह पहली बार मंदिर पहुंचे हैं और आगे भी बार-बार यहां आने की इच्छा रखते हैं।

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देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन को उमड़ी भीड़

सावन के दूसरे सोमवार पर झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में शिवभक्त बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और सुरक्षाकर्मी लगातार निगरानी करते रहे।

एक महिला श्रद्धालु रिंकी देवी ने मंदिर में की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं अच्छी हैं।

वहीं एक अन्य महिला श्रद्धालु संध्या ने भीड़ की वजह से अपनी परेशानी साझा की। उन्होंने बताया कि भीड़ इतनी अधिक थी कि वह जलाभिषेक नहीं कर सकीं। मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं मिल पाने के कारण उन्हें बाहर आकर बैठना पड़ा।

नागांव के कृष्णाश्रम शिव मंदिर में हजारों भक्तों ने चढ़ाया जल

असम के नागांव में भी सावन के दूसरे सोमवार पर प्रसिद्ध कृष्णाश्रम शिव मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। जिले के अलग-अलग हिस्सों से भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करने मंदिर पहुंचे।

मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और भगवान शिव को पवित्र जल अर्पित कर आशीर्वाद मांगा।

तेजपुर से नागांव पहुंचे श्रद्धालु गोपाल ने बताया कि सावन के पवित्र महीने का यह दूसरा सोमवार है। वह करीब 75 किलोमीटर की दूरी तय करके नागांव के शिव मंदिर में पवित्र जल चढ़ाने पहुंचे हैं।

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उन्होंने कांवड़ियों की श्रद्धा और समर्पण की भी सराहना की। उनका कहना था कि जो भक्त पूरी श्रद्धा के साथ कांवड़ यात्रा करते हैं, उनके प्रति वह दिल से आभार व्यक्त करते हैं।

दो दिन की यात्रा के बाद बाबा को चढ़ाएंगे जल

एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि शनिवार को महाकाल समाज की ओर से वे लोग तेजपुर घाट गए थे। वहां से पवित्र जल लेकर दो दिन की यात्रा पूरी करने के बाद कृष्णाश्रम शिव मंदिर पहुंचे हैं।

श्रद्धालुओं का कहना था कि लंबी यात्रा और रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद भगवान शिव के प्रति आस्था उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रही। मंदिर पहुंचने के बाद बाबा को जल अर्पित करने की खुशी उनके चेहरों पर साफ नजर आई।

देशभर में गूंजा ‘हर-हर महादेव’

सावन के दूसरे सोमवार पर देश के अलग-अलग हिस्सों में शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ ने धार्मिक माहौल को और भव्य बना दिया। कहीं कांवड़िए गंगाजल लेकर पहुंचे तो कहीं श्रद्धालुओं ने लंबी दूरी तय कर मंदिरों में जलाभिषेक किया।

हरिद्वार, देवघर और नागांव जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उमड़ी भीड़ ने सावन की आस्था और शिवभक्ति का अद्भुत दृश्य पेश किया। मंदिरों में घंटियों की गूंज, भजनों और हर-हर महादेव के जयकारों के बीच श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन नजर आए।

 

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