मुज़फ़्फ़रनगर। श्रीराम कॉलेज के बाहर बरसात के दौरान कई वर्षों से चली आ रही जलभराव और पानी की निकासी की समस्या के समाधान की दिशा में काम शुरू हो गया है। जल निगम विभाग की ओर से करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से 1.40 किलोमीटर लंबे नाले और सड़क के निर्माण का काम शुरू कराया जा रहा है। बुधवार सुबह करीब 11 बजे राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप और श्रीराम कॉलेज के डायरेक्टर ने हवन-पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। परियोजना के तहत रेशु फाटक से लेकर अलमासपुर नाले तक नाले का निर्माण कराया जाएगा।

श्रीराम कॉलेज के बाहर बारिश के दिनों में सड़क पर पानी भरने से विद्यार्थियों, कॉलेज स्टाफ और आसपास से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के बाद लंबे समय तक सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी रहती थी। अब नए नाले के निर्माण से पानी की निकासी को बेहतर करने की योजना है।

निर्माण कार्य के शुभारंभ के बाद मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मौके पर पूरे निर्माण क्षेत्र का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजना की प्रगति और मौके पर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और परियोजना से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जाए। मौके पर जल निगम और नगर पालिका के अधिकारियों ने भी परियोजना से संबंधित जानकारी दी।
कार्यक्रम में भाजपा क्षेत्रीय सभासद ममता बालियान, सभासद देवेश कौशिक समेत भाजपा नेता और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नगर पालिका के ईओ पवन कुमार, जल निगम के अधिशासी अभियंता अबू जैद सहित प्रशासनिक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
करीब 1.40 किलोमीटर लंबे इस नाले और सड़क निर्माण परियोजना से श्रीराम कॉलेज के बाहर बारिश के पानी की निकासी की समस्या के समाधान की उम्मीद है। लंबे समय से जलभराव से परेशान लोगों और कॉलेज से जुड़े लोगों के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब निर्माण कार्य शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों की नजर इसकी गुणवत्ता और समय पर पूरा होने पर रहेगी। परियोजना पूरी होने के बाद बारिश के दौरान सड़क पर पानी भरने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

