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सीतापुर में कांग्रेस कार्यालय पर चला प्रशासन का चाबुक: खाली कराकर कब्जा लिया, हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

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सीतापुर, 22 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश के सीतापुर में शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय को जिला प्रशासन ने खाली कराकर अपने कब्जे में ले लिया है। प्रशासन की ओर से जारी नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद शनिवार को यह कार्रवाई की गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद कांग्रेस को कार्यालय खाली करना पड़ा।

ऐतिहासिक घंटाघर क्षेत्र में स्थित शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय नजूल भूमि पर बना हुआ बताया गया है। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्यालय का निरीक्षण किया। वहां कोई सामान नहीं मिला, जिसके बाद परिसर को सील कर दिया गया।

नोटिस की समय सीमा पूरी होने के बाद कार्रवाई

शनिवार को नोटिस की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन की टीम शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पहुंची। टीम में एसडीएम सदर जनार्दन प्रसाद, नगर पालिका के ईओ विकास कुमार, तहसीलदार सदर अजीत जायसवाल और लेखपाल अंजनी कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।

कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासन ने कार्यालय को खाली पाया और इसके बाद परिसर को सील कर दिया।

नजूल भूमि को लेकर शुरू हुआ था विवाद

प्रशासन के अनुसार शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यालय जिस जमीन पर बना है, वह नजूल संपत्ति है। इसी आधार पर नगरपालिका की ओर से कांग्रेस पदाधिकारियों को नोटिस जारी किया गया था।

प्रशासन ने कांग्रेस पदाधिकारियों को अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए 15 दिन का समय दिया था। इस दौरान उनसे जमीन पर अपने अधिकार से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था।

प्रशासन का कहना है कि निर्धारित अवधि में ऐसा कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज सामने नहीं आया, जिसके आधार पर कार्यालय को वहां बनाए रखने का दावा किया जा सके।

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हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत

नोटिस जारी होने के बाद कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि अदालत से उन्हें राहत नहीं मिली और उनकी याचिका खारिज कर दी गई।

इसके बाद प्रशासन की ओर से कार्यालय खाली करने के लिए जारी नोटिस की अवधि पूरी होने पर शनिवार को कब्जे की कार्रवाई की गई।

एसडीएम बोले कार्यालय पूरी तरह खाली मिला

एसडीएम सदर जनार्दन प्रसाद ने आईएएनएस को बताया कि प्रशासन की टीम जब कार्यालय पहुंची तो वहां कोई सामान नहीं मिला। कार्यालय पूरी तरह खाली था।

उन्होंने कहा कि यह नजूल की संपत्ति है और नगरपालिका की ओर से जारी नोटिस की समय सीमा पूरी हो चुकी थी। कांग्रेस समर्थक हाईकोर्ट भी गए थे, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद नोटिस की अवधि समाप्त होने पर नगरपालिका की ओर से परिसर पर कब्जा लिया गया।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सील किया गया परिसर

प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने कार्यालय का निरीक्षण करने के बाद परिसर को सील कर दिया।

फिलहाल प्रशासन ने कार्यालय को अपने कब्जे में ले लिया है। कार्रवाई के बाद सीतापुर की स्थानीय राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

कांग्रेस के लिए झटका, प्रशासन ने साफ किया रुख

शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यालय खाली कराया जाना स्थानीय कांग्रेस संगठन के लिए बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। वहीं प्रशासन ने नजूल भूमि और नोटिस की प्रक्रिया का हवाला देते हुए कार्रवाई को नियमानुसार बताया है।

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फिलहाल प्रशासन की ओर से परिसर पर कब्जा ले लिया गया है और कार्यालय को सील कर दिया गया है।

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