नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर 20 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट को पत्र लिखकर उनके इलाज को लेकर कुछ मांगें रखी हैं।
सोनम वांगचुक की पत्नी ने पत्र में कहा है कि उनकी सहमति के बिना वांगचुक को कोई दवा या तरल पदार्थ नहीं दिया जाए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से इलाज से जुड़ी सभी जानकारियां पारदर्शी तरीके से साझा करने की मांग की है।
गीतांजलि ने पत्र में लिखा कि शुक्रवार तक सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य से जुड़े सभी जरूरी पैरामीटर सामान्य थे। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई को शाम 4:16 बजे वांगचुक का पोटेशियम स्तर 4.3 था। उन्होंने कहा कि अस्पताल में दिए जाने वाले किसी भी उपचार या दवा की जानकारी पहले परिवार को दी जानी चाहिए।
मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग
वांगचुक की पत्नी ने कहा कि इलाज से जुड़े फैसले मेडिकल जांच रिपोर्ट के आधार पर लिए जाने चाहिए और सभी रिपोर्ट डिजिटल या फिजिकल माध्यम से परिवार के साथ साझा की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक उन्हें कोई रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है और केवल मौखिक रूप से पोटेशियम स्तर 2.9 होने की जानकारी दी गई है।
सोनम वांगचुक शनिवार सुबह अस्पताल पहुंचने से पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे प्रदर्शन में शामिल थे। वह करीब 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे।
प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान
नीट यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा है। वांगचुक भी इस आंदोलन का हिस्सा बने थे।
शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस की टीम प्रदर्शन स्थल पर पहुंची और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले गई। इस दौरान वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और लोगों ने विरोध भी किया।
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद जब वह जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे तो दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें सड़क पर घसीटा।
दिपके ने कहा कि आंदोलन खत्म नहीं होगा और प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने खुद भी भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है।



