मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में समाजवादी पार्टी कार्यालय पर शुक्रवार शाम करीब 5 बजे आयोजित प्रेस वार्ता में सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी और राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राकेश शर्मा ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। जिया चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार के दावों और नीतियों से समाज का हर वर्ग, विशेषकर अति पिछड़ा और शोषित वर्ग परेशान है। उन्होंने कहा कि लोग अब समाजवादी पार्टी की ओर उम्मीद से देख रहे हैं।

राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राकेश शर्मा ने समान नागरिक संहिता यानी UCC के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि UCC लागू करने से पहले देश में मौजूद आर्थिक और सामाजिक असमानता को दूर करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अलग-अलग आर्थिक वर्गों के बीच मौजूद अंतर का उदाहरण देते हुए सभी नागरिकों के लिए समान अवसर और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की वकालत की।
डॉ. राकेश शर्मा ने कहा कि गरीब बच्चों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोटी, कपड़ा और मकान जैसे बुनियादी मुद्दे भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उनका कहना था कि समान नागरिक संहिता पर आगे बढ़ने से पहले सरकार को सामाजिक और आर्थिक असमानता के सवालों पर भी ध्यान देना चाहिए।
यूजीसी से जुड़े कानून के सवाल पर उन्होंने पार्टी नेतृत्व के रुख को दोहराते हुए कहा कि व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें कोई निर्दोष व्यक्ति न फंसे और दोषी बच न पाए। उन्होंने इस मुद्दे पर निष्पक्ष व्यवस्था की जरूरत बताई।
दोनों नेताओं ने सर्वसमाज और अति पिछड़े वर्गों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के फॉर्मूले पर मजबूती से लड़ेगी। अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनने का दावा भी प्रेस वार्ता में किया गया। यह सपा नेताओं का राजनीतिक दावा है; 2027 का चुनाव अभी भविष्य में है।

