Home » उत्तर प्रदेश » अयोध्या में बड़ा बवाल: चंपत राय समेत 4 के खिलाफ FIR के लिए सड़कों पर उतरे वकील,आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी

अयोध्या में बड़ा बवाल: चंपत राय समेत 4 के खिलाफ FIR के लिए सड़कों पर उतरे वकील,आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी

Facebook
Twitter
WhatsApp

अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस पूरे प्रकरण में जहां एक तरफ राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों के बीच पहली बार खुलकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, वहीं दूसरी तरफ आरोपियों के खिलाफ प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।

ट्रस्टी ने पूर्व पदाधिकारी पर मढ़ा दोष

मामले में पहली बार ट्रस्ट के किसी बड़े सदस्य का बयान सामने आया है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज ने पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में पूरी गलती गोपाल राव की ही है और वे इस पर राजनीति कर रहे हैं। महंत दिनेंद्र दास ने आगे कहा कि गोपाल राव सबको उलझा देते हैं और वह राम की परंपरा को नहीं मानते हैं। बता दें कि मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले गोपाल राव राम मंदिर के निर्माण प्रभारी और ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य थे।

तीनों बड़े पदाधिकारियों पर एफआईआर के लिए वकीलों का प्रदर्शन

चोरी के इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सुबह करीब पौने बारह बजे अयोध्या में पांच सौ से अधिक वकील एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। वकीलों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद वे सिविल लाइन चौकी पहुंचे और इन तीनों समेत चार लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी।

ALSO READ THIS :  जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटने से तबाही: कई सड़कें टूटीं, गांवों का संपर्क कटा, चिनाब नदी खतरे के निशान से ऊपर!

नियम विरुद्ध बने मकानों पर चलेगा बुलडोजर

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस महाचोरी के आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार बेहद कड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रशासन ने आरोपियों द्वारा हाल ही में बनवाए गए नए मकानों पर बुलडोजर चलाने की पूरी तैयारी कर ली है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने ऐसे मकानों को चिह्नित किया है जिनका नक्शा पास नहीं है या जिन्हें नियमों को ताक पर रखकर बनाया गया है।

विशेष रूप से उन आरोपियों के घर प्रशासन के रडार पर हैं जो उन्होंने मंदिर में नौकरी मिलने के बाद तैयार करवाए थे। इसमें आरोपी लवकुश मिश्रा का शहादतगंज में बन रहा मकान और अनुकल्प मिश्रा का कौशल पुरी स्थित मकान शामिल हैं, जिन पर जल्द ही बुलडोजर चल सकता है। अयोध्या विकास प्राधिकरण आज ही इन सभी को इस संबंध में नोटिस जारी कर सकता है।

नोटों की गड्डियों का वीडियो आया सामने, जांच तेज

इसी बीच इस मामले से जुड़ा एक नया वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी अविनाश शुक्ला का भाई अमित शुक्ला अपने हाथ में नोटों की गड्डियां लिए हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस इस वीडियो को कब्जे में लेकर इसकी सत्यता की गहनता से जांच कर रही है। इससे पहले तीस जून को पुलिस ने अयोध्या जेल में बंद मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से भी लंबी पूछताछ की थी।

मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए रविवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी करीब तीन घंटे तक पूछताछ की जा चुकी है। अब चंपत राय के बयानों को क्रॉस चेक करने के लिए आज डॉक्टर अनिल मिश्रा से पूछताछ होने की संभावना है। पुलिस विशेष रूप से आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा की मंदिर में हुई नियुक्ति में इन पदाधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

ALSO READ THIS :  योगी मॉडल ने रचा इतिहास: 2024-25 में यूपी में 4,000 नई फैक्ट्रियां, औद्योगिक क्रांति की नई मिसाल

यह पूरा मामला पहली बार सात जून को प्रकाश में आया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कार्रवाई करते हुए तेरह जून को एसआईटी का गठन किया था। इसके बाद पच्चीस जून को मामले की आधिकारिक एफआईआर दर्ज हुई और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसी दिन विवाद बढ़ता देख मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें