अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे और विकास कार्यों को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या की धरती से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने के पुराने विवाद को एक बार फिर हवा देते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए बहुसंख्यक समाज की आस्था के साथ घिनौना खिलवाड़ किया। उन्होंने विपक्ष को सीधे चुनौती देते हुए सवाल किया कि क्या कोई सरकार दिल्ली की जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ कराने की हिम्मत दिखा सकती है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने अयोध्या के विकास को रफ्तार देते हुए चार सौ बत्तीस करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली दो सौ सत्रह विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाना सपा-कांग्रेस का अक्षम्य पाप
जनसभा में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज जो लोग अचानक रामभक्त होने का दम भर रहे हैं और आस्था की बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, उनके शासनकाल में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का कुत्सित प्रयास किया जाता था। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी जैसी पवित्र जगह पर ऐसा कृत्य कराना समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का एक ऐसा पाप था, जिसे उत्तर प्रदेश की न्यायप्रिय जनता ने कभी स्वीकार नहीं किया। सीएम योगी ने कहा कि कुछ दल आस्था के संवेदनशील मुद्दों पर केवल और केवल राजनीति की रोटियां सेकते हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अयोध्या के सांस्कृतिक गौरव और उसकी पौराणिक विरासत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान देने का काम किया है।
रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले आज रच रहे ढोंग, डबल इंजन सरकार ने बदली तकदीर
राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर हाल ही में हुए विवादों का बिना नाम लिए जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने दशकों तक राम मंदिर के निर्माण में कानूनी और राजनीतिक बाधाएं खड़ी कीं और निहत्थे रामभक्तों पर बर्बरतापूर्वक गोलियां चलवाईं, वे आज रामभक्ति का ढोंग रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा के कारण अयोध्या लंबे समय तक बुनियादी विकास से पूरी तरह वंचित रही। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की सरकारों ने कभी भी इस पावन नगरी के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व का सम्मान नहीं किया। पहले सरयू नदी प्रदूषित थी, बिजली-सड़क का अकाल था और अयोध्या की पहचान सिर्फ सरकारी उपेक्षा से जुड़ी हुई थी, लेकिन डबल इंजन की सरकार ने अयोध्या की तस्वीर और तकदीर दोनों को पूरी तरह बदल दिया है।
विपक्ष ने एयरपोर्ट का भी किया था विरोध, पांच सौ वर्षों का इंतजार हुआ खत्म
मुख्यमंत्री ने विपक्ष की विकास विरोधी नीति पर प्रहार करते हुए कहा कि जब हमारी सरकार यहाँ अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का निर्माण करा रही थी, तब समाजवादी पार्टी इसका भी विरोध कर रही थी और स्थानीय लोगों को भूमि अधिग्रहण के नाम पर गुमराह करने की कोशिश कर रही थी। लेकिन आज वही महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा देश-दुनिया के प्रमुख शहरों को सीधे अयोध्या से जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब नीयत साफ हो और नीति स्पष्ट हो तो विकास कार्यों में प्रभु श्रीराम की कृपा और पवनसुत हनुमान का आशीर्वाद अपने आप मिलता है। हमारी सरकार ने अयोध्या में वह ऐतिहासिक परिवर्तन करके दिखाया है, जो पिछले पांच सौ वर्षों में भी संभव नहीं हो पाया था। आज अयोध्या पूरी दुनिया के लिए विकास, विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन का एक बहुत बड़ा वैश्विक केंद्र बनकर उभर रही है।
श्रृंगवेरपुर की पावन भूमि को वक्फ के नाम पर कब्जाने की हुई थी साजिश
विपक्ष पर भगवान राम के चरित्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम योगी ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने न केवल महर्षि वाल्मीकि के नाम पर बने हवाईअड्डे का विरोध किया, बल्कि श्रृंगवेरपुर में भगवान राम और उनके अनन्य सखा निषादराज गुह के ऐतिहासिक मिलन स्थल की पावन भूमि को वक्फ के नाम पर कब्जाने की गहरी साजिश भी रची गई थी। उन्होंने कहा कि जनता ने अब तुष्टीकरण की राजनीति को नकार कर विकास और सांस्कृतिक विरासत के हमारे मॉडल को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न जनहितकारी सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और आर्थिक सहायता राशि के चेक वितरित किए। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह की भव्य प्रतिमा का अनावरण करते हुए दोहराया कि प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के विकास और जनकल्याण के अपने संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ती रहेगी।



