मुंबई। दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स 2026 शिखर सम्मेलन को लेकर देश और दुनिया में चर्चा के बीच भारतीय सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर सुभाष घई ने भी इस आयोजन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सुभाष घई ने ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़ी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की और सम्मेलन को लेकर गर्व जताया।
फिल्ममेकर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों के साथ उन्होंने सकारात्मक सोच, प्रेम और आपसी सम्मान का संदेश दिया।
सुभाष घई बोले केवल वही ऐसा कर सकते हैं
सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर ब्रिक्स सम्मेलन की तस्वीरें पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि केवल वही ऐसा कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा को लेकर भी अपनी बात रखी।
फिल्ममेकर ने कहा कि प्यार से प्यार पैदा होता है और मुस्कुराहट से सकारात्मक ऊर्जा बनती है। उन्होंने अपने संदेश में सकारात्मक सोच को इंसानियत और दुनिया को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
पीएम मोदी पर गर्व जताते हुए कही बड़ी बात
सुभाष घई ने अपने पोस्ट में लिखा कि इतिहास इस बात का प्रमाण है कि दुनिया से नकारात्मकता को खत्म कर इंसानियत को आगे बढ़ाने का काम सकारात्मक सोच ही कर सकती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता का जिक्र करते हुए कहा कि जब विभिन्न देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री उनका सम्मान करते हैं तो देशवासियों को उन पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति अपना समर्थन और सम्मान भी जाहिर किया।
मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की तस्वीरें कीं साझा
सुभाष घई की ओर से साझा की गई तस्वीरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नजर आ रहे हैं। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान शीर्ष नेताओं की मुलाकात और बातचीत की तस्वीरें पहले से ही चर्चा में रही हैं।
इसी क्रम में सुभाष घई का पोस्ट भी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। उन्होंने ब्रिक्स 2026 सम्मेलन की बधाई देते हुए इसे लेकर गर्व जताया।
बड़े पर्दे पर अलग पहचान बना चुके हैं सुभाष घई
सुभाष घई हिंदी सिनेमा के उन फिल्मकारों में शामिल हैं, जिन्होंने मनोरंजन के साथ मजबूत किरदार, दमदार संगीत और बड़े स्तर की कहानियों को अपनी फिल्मों का हिस्सा बनाया। लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने निर्देशन और निर्माण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान कायम की।
उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1976 में आई फिल्म कालीचरण से की थी। यह फिल्म उनके करियर में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई और इसके बाद उन्होंने लगातार सफल फिल्मों के जरिए हिंदी सिनेमा में अपनी जगह मजबूत की।
कालीचरण के बाद कई बड़ी फिल्मों का किया निर्देशन
कालीचरण की सफलता के बाद सुभाष घई ने विश्वनाथ, गौतम गोविंदा, कर्ज, क्रोधी और विधाता जैसी फिल्मों के जरिए अपनी पहचान को और मजबूत किया। उनकी फिल्मों में कहानी के साथ संगीत और प्रभावशाली किरदारों को खास महत्व दिया गया।
वर्ष 1983 में रिलीज हुई फिल्म हीरो ने उनके करियर को एक और बड़ी ऊंचाई दी। इस फिल्म ने न केवल दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की, बल्कि सुभाष घई की फिल्म निर्माण और निर्देशन शैली को भी नई पहचान मिली।
राम लखन से ताल तक कई यादगार फिल्में
हीरो के बाद सुभाष घई ने मेरी जंग, कर्मा, राम लखन, सौदागर, खलनायक, परदेस और ताल जैसी चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया। इन फिल्मों में अलग-अलग दौर की कहानियों और संगीत को बड़े स्तर पर प्रस्तुत किया गया।
उनकी फिल्मों के गीत और संगीत भी लंबे समय तक दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहे। हिंदी सिनेमा में सुभाष घई की पहचान एक ऐसे फिल्मकार के रूप में बनी, जिन्होंने व्यावसायिक सिनेमा को भव्यता और मजबूत कहानी के साथ प्रस्तुत किया।
ब्रिक्स सम्मेलन पर फिल्ममेकर की प्रतिक्रिया बनी चर्चा का विषय
ब्रिक्स सम्मेलन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से जुड़ी तस्वीरों पर सुभाष घई की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर उन्हें चर्चा में ला दिया है। उन्होंने अपने संदेश के जरिए सकारात्मक सोच, प्रेम और आपसी सम्मान को महत्व देने की बात कही और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की।

