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भारत की प्रति व्यक्ति आय पर केजरीवाल का बड़ा दावा: बोले- बांग्लादेश से भी पीछे हुआ देश, केंद्र की आर्थिक नीतियों पर साधा निशाना

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2026 में भारत प्रति व्यक्ति आय के मामले में बांग्लादेश से भी पीछे हो गया है। केजरीवाल ने कहा कि जिस भारत को दुनिया की बड़ी आर्थिक ताकत बनाने का सपना दिखाया गया था, आज उसकी प्रति व्यक्ति आय पड़ोसी देश बांग्लादेश से कम बताई जा रही है।

केजरीवाल के मुताबिक, वर्ष 2026 में भारत की प्रति व्यक्ति आय करीब 2,800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति आय करीब 2,900 डॉलर तक पहुंच गई है। उन्होंने इस स्थिति को देश के लिए चिंता का विषय बताया और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़े किए।

2014 में भारत बांग्लादेश से काफी आगे था, केजरीवाल का दावा

अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में वर्ष 2014 के आंकड़ों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उस समय भारत की प्रति व्यक्ति आय करीब 1,600 डॉलर थी, जबकि बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति आय लगभग 1,100 डॉलर थी।

केजरीवाल के मुताबिक, उस समय भारत बांग्लादेश से काफी आगे था, लेकिन पिछले वर्षों में परिस्थितियां बदल गईं और अब बांग्लादेश प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत से आगे निकल गया है।

उन्होंने कहा कि यह बदलाव देश की आर्थिक दिशा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार, केवल बड़ी अर्थव्यवस्था होने की बात पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसका फायदा आम नागरिक की आय और जीवन स्तर में भी दिखाई देना चाहिए।

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‘जनता ने आर्थिक बदलाव की उम्मीद के साथ भाजपा को सत्ता दी थी’

आप संयोजक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2014 में देश की जनता ने उम्मीद के साथ भाजपा को सत्ता सौंपी थी।

केजरीवाल ने कहा कि उस समय लोगों को उम्मीद थी कि भारत तेजी से आर्थिक विकास करेगा और दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में शामिल होगा। उनका दावा है कि करीब 12 वर्षों बाद देश की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल सामने खड़े हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार से लोगों को जिस आर्थिक बदलाव की उम्मीद थी, वह उन्हें दिखाई नहीं दे रहा है।

अमेरिका और स्विट्जरलैंड से भारत की तुलना

केजरीवाल ने वर्ष 2025 के आंकड़ों का हवाला देते हुए भारत की प्रति व्यक्ति आय की तुलना विकसित देशों से भी की। उन्होंने दावा किया कि स्विट्जरलैंड की प्रति व्यक्ति आय करीब 1,15,000 डॉलर, सिंगापुर की करीब 99,000 डॉलर और अमेरिका की करीब 90,000 डॉलर है।

उन्होंने कहा कि इन देशों की तुलना में भारत की प्रति व्यक्ति आय काफी कम है। केजरीवाल के मुताबिक, भारत को आर्थिक विकास की दिशा में बहुत लंबा सफर तय करना है और सरकार को इस पर गंभीरता से काम करना चाहिए।

‘भारत को अमेरिका जैसी अर्थव्यवस्थाओं से आगे निकलना था’

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वर्ष 2014 में देश की जनता को उम्मीद थी कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक विकास के मामले में दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

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उन्होंने आरोप लगाया कि इसके विपरीत आज भारत की प्रति व्यक्ति आय बांग्लादेश से भी कम होने का दावा किया जा रहा है। केजरीवाल ने इसे केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की विफलता के तौर पर पेश करते हुए सरकार से जवाब मांगा।

भ्रष्टाचार और संसाधनों के इस्तेमाल पर भी उठाए सवाल

केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार और देश के संसाधनों के कथित दुरुपयोग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण आम लोगों की आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास का वास्तविक आकलन आम नागरिक की आय, रोजगार और जीवन स्तर में होने वाले बदलाव से किया जाना चाहिए। केजरीवाल के मुताबिक, देश की जनता ने जिस आर्थिक बदलाव की उम्मीद की थी, वह उसे मौजूदा परिस्थितियों में दिखाई नहीं दे रहा है।

आंकड़ों को लेकर दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी

केजरीवाल ने अपने बयान में प्रति व्यक्ति आय से जुड़े कई आंकड़े सामने रखे हैं। हालांकि, इन आंकड़ों और उनकी तुलना की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है। प्रति व्यक्ति आय की तुलना इस बात पर भी निर्भर करती है कि आंकड़े किस पद्धति से तैयार किए गए हैं, जैसे मौजूदा डॉलर मूल्य या क्रय शक्ति समानता।

फिलहाल केजरीवाल के इस बयान के बाद भारत की अर्थव्यवस्था और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं।

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