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प्राचीन देवस्थान की जमीन पर कब्जे का आरोप, कलेक्ट्रेट पहुंचे लोग: देवस्थान और कब्रिस्तान की भूमि अलग-अलग चिह्नित होने के बावजूद कराया जा रहा निर्माण, डीएम से बोले- पैमाइश के बाद भी नहीं हटा निर्माण

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मुज़फ़्फ़रनगर: सरवट फाटक से मदीना चौक के बीच सड़क किनारे पानी की बड़ी टंकी के पास स्थित कथित प्राचीन देवस्थान की जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता अमर सिंह समेत कुछ लोग बुधवार दोपहर करीब 12 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे और DM से मुलाकात कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।

अमर सिंह के अनुसार, उक्त स्थान पर करीब 100 वर्ष से अधिक पुराना देवस्थान है, जहां लगभग 36 देवस्थान बने हुए हैं। उनका दावा है कि सरकारी पैमाइश के दौरान देवस्थान और कब्रिस्तान की जमीन को अलग-अलग चिह्नित किया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा देवस्थान की भूमि पर जबरन कब्र बनाए जाने के साथ रास्ता बंद करने और निर्माण कर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन को लेकर पहले भी प्रदेश के मंत्रियों और तहसील दिवस में शिकायत की जा चुकी है। उनके अनुसार, पूर्व में अधिकारियों की ओर से कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन मौके पर कथित अवैध दीवार और निर्माण नहीं हटाया गया।

अमर सिंह ने स्थानीय लेखपाल और निचले स्तर के प्रशासनिक अमले पर भी लापरवाही और मिलीभगत का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कार्रवाई के आदेश के बावजूद मामला फाइलों तक सीमित रह गया और मौके की स्थिति में बदलाव नहीं हुआ।
शिकायतकर्ता पक्ष ने डीएम से मांग की कि संबंधित राजस्व अभिलेखों और पूर्व में हुई सरकारी पैमाइश के आधार पर मौके की दोबारा जांच कराई जाए। साथ ही यदि जांच में देवस्थान की भूमि पर अतिक्रमण या अवैध निर्माण पाया जाता है तो उसे हटाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

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