मुज़फ़्फ़रनगर। जिला कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को चार सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या में हुई घटनाओं तथा बाराबंकी में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए कथित हमले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

भीम आर्मी ने मांग की कि संबंधित घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। इसके साथ ही मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कराए जाने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
ज्ञापन में लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे पंचायत सहायकों की समस्याओं के समाधान की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा 68,500 शिक्षक भर्ती के आरक्षण संबंधी प्रकरण में पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कराने और प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की गई।
भीम आर्मी ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद और मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद समेत अन्य इस्लामिक धर्मस्थलों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग भी रखी। संगठन ने इन मामलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की मांग की।
विनय रतन ने सरकार पर धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर समेत देशभर में कानून और न्यायालय पर विश्वास रखने वाले लोगों को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सहारनपुर, शामली, मुज़फ़्फ़रनगर, उत्तराखंड और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने संयम का परिचय दिया है। ये राजनीतिक आरोप विनय रतन के बयान हैं, जिन पर सरकार की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है।
विनय रतन ने कहा कि 24 सितंबर को भीम आर्मी दिल्ली में प्रदर्शन करेगी। संगठन की ओर से जारी जानकारी में 24 सितंबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कार्यक्रम की घोषणा की गई है।

