मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में बुधवार दोपहर करीब एक बजे UGC के नियमों के विरोध में संयुक्त सवर्ण समाज ने पैदल मार्च निकाला। टाउन हॉल से शुरू हुआ मार्च DM ऑफिस तक पहुंचा। यहां प्रदर्शनकारियों ने UGC के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर DM के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
मार्च में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि UGC की ओर से बनाए गए इन नियमों को लेकर सवर्ण समाज में नाराजगी है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए और ऐसे नियम नहीं होने चाहिए, जिनसे किसी वर्ग को भेदभाव महसूस हो।
प्रदर्शन का नेतृत्व अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार को सवर्ण समाज की बात सुननी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज की मांगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विजय प्रताप सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मुज़फ़्फ़रनगर आगमन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान सवर्ण समाज के नेताओं को ज्ञापन देने से रोकने के लिए उनके घरों के बाहर पुलिस तैनात की गई थी और करीब 18 घंटे तक उन्हें नजरबंद रखा गया। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हिंदू रक्षा दल के जिलाध्यक्ष शैंकी शर्मा ने कहा कि सरकार को लोगों की नाराजगी को समझना चाहिए। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में समानता की बात रखते हुए UGC के नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग की।
एडवोकेट शलभ गुप्ता ने भी UGC के नियमों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सभी को समान अवसर मिलना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि UGC के नियम वापस नहीं लिए गए और उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मार्च के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांग सरकार तक पहुंचाई।
