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मुजफ्फरनगर पुलिस के हत्थे चढ़ा 11 मुकदमों वाला आरोपी: खर्च चलाने के लिए स्मैक बेच रहा था शातिर अपराधी, 60 हजार की कीमत की पुड़िया के साथ गिरफ्तार

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मुज़फ़्फ़रनगर। सिविल लाइन पुलिस ने ऑपरेशन सवेरा के तहत एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज गए हैं। पुलिस के मुताबिक, माल रोड पर चेकिंग के दौरान पकड़े गए आरोपी के पास से 3 ग्राम स्मैक और 640 रुपये बरामद हुए। पुलिस ने बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 60 हजार रुपये बताई है।

बुधवार दोपहर करीब 2 बजे सिविल लाइन थाना पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी की पहचान 39 वर्षीय सरफराज पुत्र असलम उर्फ लालू, निवासी किदवई नगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर की रात करीब 11:35 बजे माल रोड पर संदिग्ध लोगों और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस ने सरफराज को रोककर तलाशी ली, जिसमें स्मैक बरामद होने का दावा किया गया।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सरफराज ने खुद स्मैक का सेवन करने और अपने खर्च के लिए इसकी बिक्री करने की बात बताई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि वह स्मैक की छोटी पुड़िया बेचता था और बरामद 640 रुपये इसी बिक्री से मिले थे। गिरफ्तारी के समय भी वह स्मैक बेचने के लिए रेलवे स्टेशन की तरफ जा रहा था। लेकिन इस कार्रवाई में सबसे अहम बात आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है।

पुलिस के मुताबिक, सरफराज के खिलाफ अलग-अलग थानों में पहले से 11 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, चोरी, आर्म्स एक्ट और NDPS एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ 2015 में खतौली थाने से शुरू होकर बाद के वर्षों में खतौली, बुढ़ाना, भोपा और नगर कोतवाली में कई मुकदमे दर्ज हुए। वर्ष 2026 में भी उसके खिलाफ NDPS एक्ट का एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

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अब सिविल लाइन पुलिस की जांच सिर्फ बरामद 3 ग्राम स्मैक तक सीमित नहीं है। पुलिस आरोपी के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाल रही है। यानी यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसे स्मैक कहां से मिलती थी और वह इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाता था।

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