मुजफ्फरनगर। टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी से मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला क्षय रोग केंद्र मुजफ्फरनगर पर टीबी मरीजों को गोद लेने की पहल की गई। जिला चिकित्सालय स्थित एआरटी सेंटर के स्टाफ तथा चिकित्सकों ने मिलकर सात टीबी मरीजों को गोद लिया। इस दौरान मरीजों के बेहतर पोषण और जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए उन्हें पोषण पोटली भी वितरित की गई।

सात टीबी मरीजों को लिया गया गोद
24 सितंबर 2026 को जिला क्षय रोग केंद्र मुजफ्फरनगर पर आयोजित कार्यक्रम में एआरटी सेंटर जिला चिकित्सालय के स्टाफ के साथ अरबन सेंटर गौशाला की चिकित्सक डॉ. जरीन मतीन और एमओ एआरटी डॉ. मुजीबुर रहमान मौजूद रहे। जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए इनकी ओर से सात टीबी मरीजों को गोद लिया गया।
मरीजों को गोद लेने का उद्देश्य उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना और उनके पोषण पर विशेष ध्यान देना है। इस दौरान मरीजों को पोषण पोटली दी गई, ताकि उपचार के साथ उनके खान-पान और पोषण संबंधी जरूरतों में भी सहयोग मिल सके।

जिला क्षय रोग अधिकारी ने की जनभागीदारी की अपील
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एपी शाही ने टीबी उन्मूलन अभियान में जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए अन्य लोगों से भी आगे आने की अपील की। उन्होंने स्टाफ के साथ-साथ व्यापारी मंडल और समाज के अन्य सक्षम लोगों से टीबी मरीजों को गोद लेकर इस मुहिम में योगदान देने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि टीबी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को सफल बनाने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी भी जरूरी है। अधिक से अधिक लोग मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार और पोषण में सहयोग करेंगे तो अभियान को और मजबूती मिलेगी।
मरीजों के जल्द स्वस्थ होने की कामना
कार्यक्रम के दौरान एआरटी सेंटर के स्टाफ और डॉ. जरीन मतीन ने गोद लिए गए टीबी मरीजों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मरीजों को नियमित उपचार लेने और पोषण का ध्यान रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्हें दी गई पोषण पोटली के माध्यम से उपचार अवधि में पोषण संबंधी सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में एआरटी सेंटर से श्रीमती इंदु गर्ग और मोहम्मद तबरेज मौजूद रहे। इसके अलावा टीबी सेंटर से साहबान, संजीव, विपिन शर्मा और हेमंत यादव ने भी सहभागिता की।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मरीजों को उपचार के साथ सामाजिक सहयोग और पोषण उपलब्ध कराने की इस पहल को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि टीबी मरीजों के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए उन्हें उपचार पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करें।

