मुज़फ़्फ़रनगर। सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के प्रतिनिधित्व समेत 24 सूत्रीय मांगों को लेकर आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। दोपहर 12 बजे से करीब 4 बजे तक चले इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं और अन्य वंचित वर्गों से जुड़ी मांगों को पूरा करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बुढ़ाना विधानसभा अध्यक्ष और पार्टी नेता सलीम चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर दिल्ली में प्रदर्शन प्रस्तावित था, लेकिन वहां अनुमति निरस्त किए जाने के बाद देशभर में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया गया। उन्होंने यूजीसी से संबंधित कानून लागू करने तथा एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण को समाप्त नहीं किए जाने की मांग उठाई।
सलीम चौधरी ने कहा कि अलग-अलग समाजों को आरक्षण दिए जाने की स्थिति में मौजूदा आरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने मुस्लिम समाज को भी प्रतिनिधित्व और आरक्षण का लाभ दिए जाने की मांग रखी।
प्रदर्शन में भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रस्तावित धरने की अनुमति निरस्त होने के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर देशभर में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। उनके मुताबिक संगठन की 24 सूत्रीय मांगों में सर्वसमाज, एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
विनय रतन ने मुंबई आईआईटी में एक छात्र की मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि वह स्वयं वहां गए थे और उन्होंने वहां प्रशासन का रवैया देखा। उन्होंने यूजीसी से संबंधित मांगों को लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जो लोग गलत नहीं करते, उन्हें यूजीसी से आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
विनय रतन ने स्पेशल कंपोनेंट प्लान के बजट से निर्मित कन्नौज, अंबेडकरनगर, जालौन और सहारनपुर के चार मेडिकल कॉलेजों में एससी-एसटी के लिए पूर्व में लागू 70 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था समाप्त किए जाने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से इस संबंध में एक्ट बनाकर आरक्षण व्यवस्था तत्काल लागू करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से 24 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
