नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर नेताओं की बयानबाजी तेज हो गई है। सपा सांसद इकरा हसन के गठबंधन को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन नहीं करना है तो न करें, कांग्रेस अपने काम पर लगी हुई है। दोनों दलों के नेताओं के बयानों के बीच गठबंधन और सीटों के तालमेल को लेकर सार्वजनिक तौर पर मतभेद सामने आ रहे हैं।
इमरान मसूद ने इकरा हसन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “न करें गठबंधन, कौन कह रहा है? हम क्या किसी से भीख मांग रहे हैं? जिसको जो करना है, वह करे। जब बारात चढ़ती है, तो बहुत सारे ढोल बजाने वाले भी होते हैं, नाचने-गाने वाले भी होते हैं। इन नाचने-गाने वालों को नाचने-गाने दीजिए। हम अपने काम पर लगे हुए हैं।”
दरअसल, सपा सांसद इकरा हसन ने इससे पहले गठबंधन को लेकर कहा था कि कांग्रेस के साथ गठबंधन रहता है तो ठीक है, लेकिन अगर गठबंधन नहीं रहता तो नुकसान कांग्रेस को होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ लड़ाई में समाजवादी पार्टी की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनके बयान के बाद कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।
शिवपाल यादव के बयान पर भी पलटवार
सपा विधायक शिवपाल यादव की ओर से कांग्रेस नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया दिए जाने के सवाल पर भी इमरान मसूद ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह शिवपाल यादव की सोच हो सकती है और कांग्रेस अपने काम पर लगी हुई है।
इमरान मसूद ने शिवपाल यादव के संदर्भ में कहा कि वह अपनी पार्टी के भीतर ही अप्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर शिवपाल यादव यह बात अपने नेता से कहेंगे, तभी उसका कोई मायने होगा, इसके अलावा उनके बयान का कोई अर्थ नहीं है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि बहुत सारे लोग बहुत सारी बातें बोलते रहते हैं और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने अपने जवाब में फिर बारात और ढोल बजाने वालों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब बारात निकलती है तो बहुत सारे ढोल बजाने वाले आते हैं और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
शिवपाल यादव ने क्या कहा था
इससे पहले शिवपाल सिंह यादव ने कांग्रेस से जुड़े बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि सीटों पर फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे। उन्होंने संकेत दिया था कि गठबंधन और सीटों से जुड़े अंतिम निर्णय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर लिए जाएंगे।
वहीं, शिवपाल यादव की ओर से कांग्रेस को लेकर यह बयान भी सामने आया था कि कांग्रेस को वोट नहीं मिलना है। इमरान मसूद ने इसी राजनीतिक बयानबाजी के बीच कांग्रेस की स्थिति को लेकर अपना पक्ष रखा है।
सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने भी उठाए सवाल
सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयानों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं की ओर से ऐसे बयान दिए जा रहे हैं, जिससे इंडिया गठबंधन प्रभावित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ओर से ऐसे बयान आते रहे हैं जिनसे भारतीय जनता पार्टी को लाभ मिल सकता है।
रमाशंकर राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला राहुल गांधी और अखिलेश यादव करेंगे। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस नेताओं के कथित तौर पर दबाव बनाने वाले बयानों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति क्या है, यह सभी जानते हैं।
गठबंधन और सीट बंटवारे पर नजर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन तथा सीटों के बंटवारे को लेकर नेताओं के बीच बयानबाजी लगातार सामने आ रही है। हाल के दिनों में इमरान मसूद और इकरा हसन के बयानों के बाद दोनों दलों के अन्य नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, सीटों के बंटवारे और गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर होना है।
फिलहाल दोनों दलों के नेताओं के सार्वजनिक बयानों से यह स्पष्ट है कि गठबंधन की संभावनाओं और सीटों के तालमेल को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज है। अंतिम तस्वीर नेतृत्व स्तर पर होने वाली बातचीत और निर्णय के बाद ही साफ होगी।

