नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। लगातार बारिश के चलते जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं दिल्ली एनसीआर की हवा भी काफी हद तक साफ हो गई है। लंबे समय बाद लोगों को अपेक्षाकृत स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त हवा में सांस लेने का मौका मिला है। बारिश का असर राजधानी के साथ साथ नोएडा और गाजियाबाद की वायु गुणवत्ता पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिनों तक दिल्ली में मौसम सुहावना बना रहने की संभावना है। हालांकि सोमवार के बाद बारिश की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है। बारिश थमने के बाद तापमान में धीरे धीरे बढ़ोतरी हो सकती है और उमस भी लोगों को परेशान कर सकती है।
28 सितंबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इस दौरान हवा में नमी का स्तर 90 से 65 प्रतिशत के बीच रहा। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है।
29 सितंबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसके बाद 30 सितंबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। 1, 2 और 3 अक्टूबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है और इस दौरान अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
बारिश का सबसे बड़ा असर दिल्ली एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर देखने को मिला है। बारिश के कारण हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण काफी हद तक नीचे बैठ गए हैं। इसके चलते कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक अच्छी और संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गया है।
दिल्ली के अलग अलग इलाकों के एक्यूआई आंकड़ों पर नजर डालें तो अलीपुर में एक्यूआई 27 दर्ज किया गया। आनंद विहार में यह 66, अशोक विहार में 45, आया नगर में 44, बवाना में 35 और बुराड़ी क्रॉसिंग में 39 रहा। कैंटोनमेंट एरिया में एक्यूआई 61, चांदनी चौक में 69 और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 71 दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि बारिश के बाद दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर फिलहाल काफी नीचे आया है। आमतौर पर सर्दियों के दौरान दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है, लेकिन इस समय बारिश के कारण लोगों को हवा की गुणवत्ता में राहत महसूस हो रही है।
नोएडा में भी वायु गुणवत्ता की स्थिति बेहतर बनी हुई है। सेक्टर 125 में एक्यूआई 40, सेक्टर 62 में 29, सेक्टर 1 में 45 और सेक्टर 116 में 42 दर्ज किया गया। इन इलाकों में हवा की गुणवत्ता फिलहाल अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है।
गाजियाबाद की बात करें तो यहां भी बारिश का असर वायु गुणवत्ता पर साफ दिखाई दे रहा है। गोविंदपुरम में एक्यूआई 28, इंदिरापुरम में 22, लोनी में 56, संजय नगर में 33 और वसुंधरा में 28 दर्ज किया गया। वेद विहार लोनी में एक्यूआई 86 रहा।
हालांकि गाजियाबाद के वेव सिटी इलाके में एक्यूआई 103 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। इसके बावजूद गाजियाबाद के अधिकांश इलाकों में हवा की गुणवत्ता फिलहाल अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश रुकने के बाद वायु गुणवत्ता में बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश के कारण फिलहाल प्रदूषण के कण दब गए हैं, लेकिन यदि लंबे समय तक बारिश नहीं होती है तो वाहनों, निर्माण गतिविधियों और अन्य स्रोतों से निकलने वाले प्रदूषक दोबारा वातावरण में जमा हो सकते हैं।
अगले कुछ दिनों में तापमान बढ़ने और बारिश की संभावना कम होने के साथ दिल्ली एनसीआर में उमस बढ़ सकती है। ऐसे में फिलहाल लोगों को साफ हवा का लाभ मिल रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता पर मौसम की स्थिति का असर लगातार बना रहेगा।
कुल मिलाकर, सितंबर के आखिरी दिनों में हुई बारिश दिल्ली एनसीआर के लिए मौसम और हवा दोनों के लिहाज से राहत लेकर आई है। तापमान में नरमी और वायु प्रदूषण में कमी से राजधानी तथा आसपास के शहरों में रहने वाले लोगों को फिलहाल राहत मिली है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम शुष्क रहने के अनुमान के बीच अब यह देखना अहम होगा कि बारिश थमने के बाद वायु गुणवत्ता किस दिशा में जाती है।

