शामली। सर्दियों में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने की आशंका के बीच शामली में औद्योगिक इकाइयों पर प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुपालन को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने औद्योगिक संगठनों और इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ कार्यशाला कर उन्हें GRAP और वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े CAQM के नए दिशा-निर्देशों की जानकारी दी।

ऑर्किड होटल में आयोजित कार्यशाला में खास तौर पर उन व्यवस्थाओं पर फोकस रहा, जिनका पालन औद्योगिक इकाइयों को आगामी शीत ऋतु के दौरान करना होगा। अधिकारियों ने उद्यमियों को उत्सर्जन के नए मानकों, स्टैक मॉनिटरिंग और अनुमन्य ईंधन के इस्तेमाल से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि औद्योगिक इकाइयों में मौजूद वायु प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित रखना होगा। ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम और प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के अपग्रेडेशन से जुड़े प्रावधान भी उद्यमियों को समझाए गए। DG सेट के संचालन और इस्तेमाल को लेकर CAQM की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा हुई।
क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चन्द्र के निर्देशन में जूनियर इंजीनियर संध्या शर्मा ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए नियमों और प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यशाला में IIA चेयरमैन विशाल गुप्ता, SIEMA, लघु भारती समेत विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
Nikita Greentech Recycling Pvt. Ltd., Maruti Paper Udyog, Amar Splint Pvt. Ltd., Bajaj Hindustan Sugar-Unit Thanabhawan, Sewa Ram Metal और Vishal Industries समेत कई औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को भी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था के अनुपालन को लेकर जानकारी दी गई।
कार्यशाला का संदेश साफ था कि सर्दियों में वायु प्रदूषण की स्थिति बिगड़ने से पहले औद्योगिक इकाइयां अपनी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्थाओं और संचालन प्रक्रिया को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखें। अधिकारियों ने उद्यमियों से नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।

