मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में व्यापारिक लेन-देन को लेकर चल रहे विवाद में शुभम मित्तल ने 1 करोड़ 41 लाख रुपये की नाजायज वसूली का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। शुक्रवार अपराह्न 3:30 बजे होटल गोल्डन एरा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दी गुड़ खांडसारी ग्रीन मर्चेंट एसोसिएशन के मंत्री अंकित गर्ग उर्फ निशांक गर्ग और अन्य पदाधिकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में उनका पक्ष भी सुना जाना चाहिए और सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

शुभम मित्तल ने दावा किया कि उनके पास व्यापारिक लेन-देन से जुड़े सभी बिल, GST रिटर्न और ई-वे बिल मौजूद हैं। उनके मुताबिक, इन दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि पहले माल भेजा गया और उसके बाद RTGS के जरिए भुगतान किया गया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर लेन-देन की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
उन्होंने बताया कि कथित तौर पर 1 करोड़ 41 लाख रुपये की नाजायज वसूली का दबाव बनाए जाने के विरोध में उन्होंने नई मंडी थाने में तहरीर भी दी थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने मंडी समिति की कथित बकाया राशि और व्यापारिक भुगतान से जुड़े मामलों की जांच सभी संबंधित पक्षों के रिकॉर्ड के आधार पर कराने की मांग की।
शुभम मित्तल ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके प्रतिष्ठान पर पहुंचकर धमकी दे रहे हैं। इस वजह से उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और पुलिस प्रशासन से पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
उन्होंने मांग की कि विवाद से जुड़े CCTV फुटेज, संबंधित लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाए, ताकि व्यापारिक लेन-देन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।

