मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में गन्ना किसानों को ₹500 प्रति क्विंटल मूल्य देने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। प्रदेशव्यापी सांकेतिक आंदोलन के तहत हुए प्रदर्शन में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने गन्ना मूल्य के साथ स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक कार्यशैली और दूसरे किसान संगठनों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन का रवैया नहीं सुधरा तो अगले महीने के पहले सप्ताह में मुज़फ़्फ़रनगर में बड़ी महापंचायत की जाएगी।

ये धरना प्रदर्शन दोपहर करीब 2 बजे से अपराह्न करीब 4 बजे तक करीब 2 घंटे चला। इस दौरान धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि प्रदेशभर में गन्ना किसानों के लिए ₹500 प्रति क्विंटल मूल्य की मांग उठाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान संगठनों के कुछ लोग किसानों के वास्तविक मुद्दों के बजाय दिखावे और अन्य गतिविधियों में उलझे हुए हैं। उनके मुताबिक, किसान हितों से जुड़े बड़े सवालों पर ठोस पहल करने के बजाय कुछ लोग परिवहन और कथित अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं।
उन्होंने किसान दिवस में उठाए जाने वाले मुद्दों पर भी आपत्ति जताई। मलिक का आरोप था कि कुछ तथाकथित किसान नेता नाले, खाद, तालाब और निजी मामलों तक चर्चा सीमित रखते हैं, जबकि गन्ना मूल्य और किसानों की व्यापक समस्याओं जैसे मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। उन्होंने प्रशासन और कुछ किसान संगठनों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई।
धर्मेंद्र मलिक ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एक किसान नेता ने कार्रवाई रोकने के लिए नायब तहसीलदार की गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी लगा दी थी, लेकिन इसके बावजूद उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इस मामले में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
धरने के दौरान तहसील प्रशासन की कार्यशैली और किसानों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा भी उठाया गया। धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं और अवैध गतिविधियों पर प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई, तो संगठन आंदोलन को और बड़ा करेगा। उन्होंने अगले महीने के पहले सप्ताह में मुज़फ़्फ़रनगर में भव्य और ऐतिहासिक महापंचायत आयोजित करने की चेतावनी दी।
