Home » विविध इंडिया » जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला: सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे ने पुलिस से मांगा अतिरिक्त समय

जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला: सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे ने पुलिस से मांगा अतिरिक्त समय

Facebook
Twitter
WhatsApp

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कथित अनधिकृत प्रवेश और प्रदर्शन से जुड़े मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। तीनों को गुरुवार दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। हालांकि, उन्होंने पुलिस से पेश होने के लिए और समय देने का अनुरोध किया। इसके बाद पुलिस की ओर से उन्हें नए समन जारी किए जाएंगे।

जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है मामला

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब सौरव दास और आशुतोष रंका को एक सप्ताह न्यायिक हिरासत में रहने के बाद बुधवार को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया। इसी सप्ताह दिल्ली पुलिस ने सीजेपी नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन से जुड़े मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी।

मामला 13 अक्टूबर की घटना से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, उस दिन सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे समेत 11 अन्य लोग कथित तौर पर अनधिकृत रूप से जंतर-मंतर परिसर में प्रवेश कर गए थे। पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया था।

सीजेपी के सदस्य मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी भी की थी।

शिंदे जमानत बांड पर रिहा, दास और रंका रहे न्यायिक हिरासत में

पुलिस की कार्रवाई के बाद अजिंक्य शिंदे को जमानत बांड पर रिहा कर दिया गया था, जबकि सौरव दास और आशुतोष रंका को एक सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा।

ALSO READ THIS :  प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, सरकार ने दिया भरोसा: सौरव दास का दावा

बुधवार को दास और रंका को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) के समक्ष लिखित आश्वासन देने के बाद रिहा किया गया। दोनों ने आश्वासन दिया कि वे शांति बनाए रखेंगे और जब तक जंतर-मंतर को कानून के तहत प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया जाता, तब तक वहां प्रदर्शन करने का आह्वान नहीं करेंगे।

50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर मिली रिहाई

विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ऋतुराज ने जंतर-मंतर में कथित अनधिकृत प्रवेश के मामले में जांच पूरी होने तक दोनों कार्यकर्ताओं को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानती बांड जमा करने के बाद रिहा करने का निर्देश दिया।

अपने लिखित आश्वासन में दोनों नेताओं ने शांति भंग नहीं करने का वादा किया। उन्होंने न्यायपालिका और विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत सहित उसकी सभी संस्थाओं में पूरा विश्वास भी जताया।

एसईएम अदालत ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 135(3) के तहत शांति भंग होने या सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने से रोकने के लिए आवश्यक तत्काल उपाय लिखित आश्वासन के समर्थन में बांड के माध्यम से पर्याप्त रूप से सुनिश्चित किए जा सकते हैं।

फिलहाल, तीनों नेताओं के पुलिस के सामने पेश होने के लिए अतिरिक्त समय मांगने के बाद क्राइम ब्रांच की ओर से नए समन जारी किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।