नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दावा किया है कि सरकार के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास के अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और केंद्र के साथ-साथ भाजपा एवं एनडीए शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
सीजेपी के मुताबिक यह आश्वासन सोमवार देर रात सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में दिया गया। पार्टी का कहना है कि बैठक के दौरान सरकार ने भरोसा दिलाया कि अन्य राज्यों की ओर से भी प्रदर्शनकारियों को राहत देने संबंधी औपचारिक अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हुई बैठक का दावा
सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ करीब दो से तीन घंटे तक बैठक चली। उनके अनुसार, इस दौरान प्रदर्शन में शामिल लोगों को कानूनी सुरक्षा देने और उनके खिलाफ दर्ज मामलों पर चर्चा हुई।
दास ने दावा किया कि बैठक में बिहार और असम सरकारों की ओर से जारी अधिसूचनाओं की प्रतियां साझा की गईं। उनके अनुसार, इन दस्तावेजों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने, भविष्य में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने और हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की बात कही गई है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार और अन्य भाजपा या एनडीए शासित राज्यों की ओर से भी इसी प्रकार की अधिसूचनाएं जारी किए जाने का आश्वासन दिया गया है।
राजस्थान को लेकर भी किया दावा
सौरव दास ने कहा कि पार्टी को राजस्थान के संबंध में भी आश्वासन मिला है। उनके अनुसार, राज्य में प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और न ही किसी नई एफआईआर दर्ज की जाएगी।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित सरकारों की ओर से स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस रिपोर्ट के समय तक सामने नहीं आई है।
लिखित गारंटी की उठाई मांग
बैठक के बाद जारी वीडियो संदेश में सौरव दास ने कहा कि पार्टी ने सरकार के सामने यह चिंता भी जताई कि केवल मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा। इसलिए उन्होंने लिखित गारंटी की मांग की ताकि भविष्य में भी इन वादों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
उनके अनुसार, सरकार के प्रतिनिधियों ने बिहार गृह विभाग की एक प्रेस विज्ञप्ति का हवाला दिया, जिसमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और भविष्य में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई है।
सीजेपी का यह दावा ऐसे समय में सामने आया है, जब कुछ घंटे पहले ही पार्टी ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को “समझौते का उल्लंघन” बताते हुए आंदोलन फिर से शुरू करने की चेतावनी दी थी। फिलहाल सरकार की ओर से इन दावों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।



