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मुजफ्फरनगर में प्राचीन शिव मंदिर की जमीन का विवाद गरमाया: भाकियू नेता ने फर्जी दस्तावेजों से भूमि दर्ज कराने के आरोप; एसडीएम सदर से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

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मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर की सदर तहसील में रोहाना खुर्द गांव के प्राचीन शिव मंदिर की भूमि का विवाद फिर गरमा गया है। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के सहारनपुर मंडल सचिव संजीव भारद्वाज मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे एसडीएम सदर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर की जमीन को कथित तौर पर फर्जी क्रय-विक्रय दस्तावेज तैयार कर एक व्यक्ति के नाम दर्ज कराया गया था। भारद्वाज ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

संजीव भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत में समाजवादी पार्टी के जिला सचिव रह चुके एक व्यक्ति पर आरोप लगाए। उनके मुताबिक, कथित व्यक्ति रोहाना खुर्द के निवासी हैं और कथित तौर पर गलत दस्तावेजों के आधार पर मंदिर की भूमि अपने नाम दर्ज करा चुके थे। भारद्वाज ने बताया कि इस संबंध में DM के यहां शिकायत की गई थी, जिसके बाद जांच एसडीएम सदर को सौंपी गई।

भारद्वाज का दावा है कि जांच में भूमि अभिलेखों में दर्ज नाम गलत पाया गया है। उनके अनुसार, अब मामले में धारा 38 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रतिवादियों से जवाब मांगा गया है कि भूमि पर उनका नाम किस आधार पर दर्ज हुआ। हालांकि, जांच के निष्कर्ष और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हो सकी है।

भाकियू नेता ने मंदिर को करीब 1300 वर्ष पुराना बताते हुए कहा कि उनके पास पुराने उर्दू दस्तावेज हैं, जिनमें मंदिर का उल्लेख होने का दावा किया गया है। उन्होंने वर्ष 2012 से चल रहे विवाद को लेकर जनप्रतिनिधियों की कथित उदासीनता पर भी सवाल उठाए। भारद्वाज ने कहा कि मंदिर की भूमि के मामले में प्रशासन को निष्पक्षता से कार्रवाई करनी चाहिए और किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।

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