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टीटीपी का दावा: दक्षिण वजीरिस्तान में 25 पाकिस्तानी सैनिक ढेर, चौकी पर कब्जा; नकवी ने अफगानिस्तान को दी कड़ी चेतावनी

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नई दिल्ली, 22 अक्टूबर। पाकिस्तान के अस्थिर उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने एक और बड़ा हमला करने का दावा किया है। संगठन ने दक्षिण वजीरिस्तान के मिर अली क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना की एक चौकी पर हमला कर 25 सैनिकों को मार गिराने और चौकी पर कब्जा करने की घोषणा की है। टीटीपी से जुड़े संगठन ‘वॉइस ऑफ खुरासान’ ने मंगलवार को हमले का वीडियो और बयान जारी किया, जिसमें दावा किया गया कि सोमवार रात को टीटीपी लड़ाकों ने सैन्य चौकी पर ‘बड़े पैमाने पर हमला’ किया और एक पाकिस्तानी सेना ड्रोन को भी नष्ट कर दिया।

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हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने अभी तक इस दावे की पुष्टि या खंडन नहीं किया है। पिछले हफ्ते ही टीटीपी ने दक्षिण वजीरिस्तान में एक अन्य हमले में 20 पाकिस्तानी सैनिकों की हत्या का दावा किया था, जो पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा संकट को और गहरा रहा है। टीटीपी ने हमले में 8 सैनिकों के घायल होने का भी जिक्र किया, लेकिन पाकिस्तानी पक्ष से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।

इस बीच, पाकिस्तान के संघीय गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने टीटीपी के हमलों पर अफगानिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। मीडिया से बातचीत में नकवी ने कहा, “पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्धविराम हो चुका है। यदि फिर से उल्लंघन हुआ, तो अफगानिस्तान जानता है कि हमारी प्रतिक्रिया क्या होगी।

किसी भी हिंसक समूह को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई समूह हथियारों के साथ आता है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नकवी ने पंजाब सरकार की जांच का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर नागरिक-सैन्य नेतृत्व के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने में लगे हैं।

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पाकिस्तान लंबे समय से टीटीपी पर अफगानिस्तान की धरती से हमले करने का आरोप लगाता रहा है, जिसे काबुल खारिज करता है। हाल ही में दोनों देशों के बीच भीषण सीमा संघर्ष के बाद कतर और तुर्की की मध्यस्थता में दोहा में 19 अक्टूबर को युद्धविराम समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत दोनों पक्षों ने तत्काल सीजफायर पर सहमति जताई और आगे की बैठकों का वादा किया। अगली बैठक 25 अक्टूबर को तुर्की में होने की संभावना है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इसे “स्थायी शांति का पहला कदम” बताया।

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इससे पहले, युद्धविराम से ठीक पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हवाई हमला किया था, जिसमें तीन अफगान क्रिकेटर समेत आठ नागरिक मारे गए थे। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने पाकिस्तानी सेना पर “क्रूर हमला” का आरोप लगाते हुए अगले महीने पाकिस्तान में होने वाली त्रिकोणीय क्रिकेट सीरीज से हटने का ऐलान किया। एसीबी ने वीडियो सबूतों का दावा किया और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बोर्डों से निंदा की मांग की। पाकिस्तान ने इसे “आतंकवादियों पर हमला” बताते हुए नागरिक हताहतों से इनकार किया।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी कहा था कि सरकार टीटीपी के साथ कभी बातचीत नहीं करेगी, बल्कि अफगान तालिबान के साथ ही चर्चा करेगी। टीटीपी के बढ़ते हमलों ने पाकिस्तान को आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर कमजोर किया है, जहां 2025 के पहले नौ महीनों में 2,400 से अधिक सुरक्षा कर्मी शहीद हो चुके हैं।

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