मुजफ्फरनगर में खतौली शुगर मिल के पूर्व फील्ड असिस्टेंट राहुल मलिक सोमवार को ज़िला कलेक्ट्रेट पहुंचा। DM के नाम शिकायती पत्र देते हुए मिल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।
उसने आरोप लगाया कि उसने 24 दिसंबर, 2025 को मिल अधिकारियों पर अवैध दबाव और धमकी की शिकायत की थी। उसके तुरंत बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया और उसके घर में आग लगा दी गई।
साथ ही झूठे आरोप लगाकर पुलिस केस कराए गए। राहुल ने इसे संगठित प्रताड़ना बताया है।

GM और AGM पर गंभीर इल्ज़ाम
राहुल ने आरोप लगाया है कि 26 और 27 दिसंबर को GM (केन) कुलदीप राठी और AGM (केन) विनेश कुमार ने मिल में बुलाकर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया।
इंकार करने पर नौकरी से निकाला और आर्थिक-मानसिक नुकसान की धमकी दी। अगले ही दिन घर में आग लग गई, पूरा घर जलकर राख हो गया। राहुल ने दोनों अधिकारियों पर आगजनी का संदेह जताया है।
झूठे केस और पुलिस दबाव
राहुल ने ये भी आरोप लगाया कि 28 दिसंबर को मिल प्रबंधन ने उसके खिलाफ़ खतौली कोतवाली और फुगाना थाने में झूठे प्रार्थना पत्र दिए। राहुल का कहना है कि उन्होंने किसानों से दवाइयों के नाम पर पैसे लेकर भागने का आरोप लगाया, जोकि बेबुनियाद और निराधार है।
राहुल ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी में धन संग्रह नहीं है। उस पर फोन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। शाहपुर थाना प्रभारी मिले तो वहां भी दबाव बनाया गया। मिल से किसानों पर दबाव बनाकर फर्जी प्रार्थना पत्र लिखवाए जा रहे हैं।

जान-माल को खतरा
राहुल ने कहा कि शिकायत दबाने के लिए धमकी, झूठे आरोप, पुलिस दबाव और आगजनी का सहारा लिया जा रहा है। परिवार की जान-माल की सुरक्षा को गंभीर खतरा है। वो सभी साक्ष्य, दस्तावेज, कॉल डिटेल, आगजनी प्रमाण प्रस्तुत करने को तैयार हैं।
उच्चस्तरीय जांच और सुरक्षा की मांग
राहुल ने DM से मांग की है:
– 24 दिसंबर शिकायत के बाद के घटनाक्रम की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच।
– कुलदीप राठी और विनेश कुमार की भूमिका की जांच, वैधानिक-विभागीय कार्रवाई।
– झूठे प्रार्थना पत्रों की जांच।
– परिवार को तत्काल सुरक्षा।
– नौकरी से निकालने की कानूनी वैधता की जांच, सेवा सुरक्षा।
मिल प्रबंधन पर सवाल
यह मामला मिल प्रबंधन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। शिकायत करने वाले कर्मचारी को इस तरह प्रताड़ित करना क्या यह सहन किया जाएगा? राहुल की जान को खतरा है। प्रशासन की तत्काल कार्रवाई की उम्मीद है।



