पुलिस ने तमंचेबाज पति के नापाक मंसूबों पर फेरा पानी, तमंचा लेकर घूम रहे फरमान को जंगल में दबोचा, तमंचे के साथ कारतूस भी हुआ बरामद, अब सलाखों के पीछे जेल में पीसेगा चक्की!
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के सादपुर निवासी फरमान पुत्र अरशद की साली ने रोहाना पुलिस चौकी में प्रार्थना पत्र देकर बेहद ही खौफनाक आरोप लगाए थे।
उसने बताया कि इलाके के सादपुर गांव निवासी उसका बहनोई (जीजा) फरमान उसकी बहन शमीना के साथ रोज मारपीट करता है। वह हमेशा तमंचा साथ लेकर घूमता है और जान से मारने की धमकी देता है।
चौकी इंचार्ज मोहित कुमार ने आरोपों को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने पीड़ित महिला से पूरा माजरा जाना। महिला शमीना ने भी यही बताया कि उसका पति अब उसकी जान का दुश्मन बन चुका है। वह थाने के सामने ही गोली मारने की धमकी देता है और हर समय एक तमंचा साथ रखता है।

तलाश में सफलता, मौके पर दबोचा
मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी इंचार्ज मोहित कुमार ने तुरंत फरमान की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की तलाश शनिवार को उस वक्त खत्म हो गई जब सादपुर राजवाहे की पुलिया के पास फरमान को टहलते हुए देखा गया।
जैसे ही वह पुलिस को देखकर भागने लगा, पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 315 बोर का एक तमंचा और कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर लिया।
जेल पहुंचा फरमान, पीड़ित बीवी मायके लौटी
पुलिस ने फरमान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उसे जेल भेज दिया। जान के दुश्मन बन बैठे शौहर फरमान के जेल जाने के बाद उसकी पीड़ित बीवी शमीना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के शेरनगर गांव अपने मायके लौट गई।
उसने पुलिस का दिल से धन्यवाद किया और कहा कि अब वह सुरक्षित महसूस कर रही है।
पुलिस कार्रवाई की सराहना
रोहाना चौकी इंचार्ज मोहित कुमार की त्वरित कार्रवाई ने एक जिंदगी बचाई। इलाके में लोग पुलिस की तारीफ कर रहे हैं। यह मामला घरेलू हिंसा और हथियारों की लापरवाही का बड़ा उदाहरण है।
पुलिस ने साफ संदेश दिया कि महिलाओं की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं। तमंचेबाज पति अब जेल की सलाखों के पीछे है।
• पीड़ित महिला ने कहा,
“पुलिस ने मेरी जान बचाई, अब मैं चैन की सांस ले रही हूं।”

सादपुर में सनसनी, समाज में सवाल
सादपुर में यह घटना सुनकर हर कोई स्तब्ध है। लोग पूछ रहे हैं कि घर में ही पत्नी की जान पर बन आई तो फिर सुरक्षित कहां?
बहरहाल, पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।



