मुजफ्फरनगर में एक नाबालिग बच्ची से बहला-फुसलाकर अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी सुमित कुमार पुत्र करन सिंह को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो कोर्ट) ने 20 वर्ष कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। यह सजा पुलिस की त्वरित जांच, गुणवत्तापूर्ण विवेचना और अभियोजन की सशक्त पैरवी का नतीजा है।
क्या है पूरा मामला?
10/11 अप्रैल 2021 की रात को आरोपी सुमित कुमार ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर से ले जाकर दुष्कर्म किया। थाना तितावी पुलिस ने लिखित तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया।
गिरफ्तारी और साक्ष्य संकलन
आरोपी को 27 मई 2021 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। थाना तितावी पुलिस ने अग्रिम वैधानिक कार्यवाही करते हुए समस्त साक्ष्य जल्द से जल्द संकलित किए। गुणवत्तापूर्ण विवेचना पूरी कर 28 मई 2021 को ही आरोप-पत्र माननीय न्यायालय में दाखिल कर दिया गया।

Operation Conviction के तहत सशक्त पैरवी
SSP संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे OperationConviction अभियान के तहत इस मामले में SP ग्रामीण आदित्य बंसल के निकट पर्यवेक्षण में CO फुगाना यतेन्द्र नागर और थानाध्यक्ष तितावी पवन कुमार ने प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की।
समस्त गवाहों को समय पर न्यायालय के समक्ष उपस्थित कराया गया। ADGC विक्रांत राठी और कोर्ट पैरोकार आरक्षी प्रमोद कुमार ने अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी की। पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
आमजन में पुलिस पर बढ़ा विश्वास
इस जघन्य अपराध में त्वरित जांच, गुणवत्तापूर्ण विवेचना और सशक्त पैरवी से आरोपी को सजा मिलने पर आमजन ने मुजफ्फरनगर पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
जागरूकता का संदेश
मुजफ्फनगर पुलिस का संदेश साफ है कि नाबालिगों के साथ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पोक्सो अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में सजा सुनिश्चित है।
यदि आप या आपका कोई परिचित इस तरह के अपराध का शिकार है तो तुरंत निकटतम थाने या हेल्पलाइन 1098 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत से न्याय मिलना सुनिश्चित होता है।




