मुजफ्फरनगर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के जिला अस्पताल के बाहर (सीएमओ ऑफिस के पास) शनिवार सुबह कचरे के ढेर में एक नवजात गौवंश जली हुई अवस्था में मिला।
सूचना मिलते ही गौसेवक राहुल धीमान, विक्की सनातनी, अमन कुमार आदि मौके पर पहुंचे। उन्होंने विरोध जताते हुए पुलिस और नगर पालिका को सूचना दी।
पशु चिकित्सा अधिकारी और पालिका टीम पहुंची
सूचना पर उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एमपी सिंह अपनी टीम के साथ और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। अधजली अवस्था में गौवंश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

• एमपी सिंह ने बताया,
“पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इससे स्पष्ट होगा कि गौवंश की मौत जलने की वजह से हुई है या मौत के बाद जलाया गया है।”
सीएमओ ने जताया दुःख
सीएमओ सुनील तेवतिया ने घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि “ये बेहद ही दुखद घटना है। सीसीटीवी कैमरे चेक कराए जा रहे हैं। इसमें हम मुकदमा दर्ज कराएंगे।”

इलाके में आक्रोश, गौसेवकों का विरोध
गौसेवकों ने घटना पर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि यह गौहत्या का मामला है और इसमें सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
लोग पूछ रहे हैं कि अस्पताल के बाहर कचरे में गौवंश को जिंदा जलाया गया है या मरे हुए गौवंश को वहां पर जलाया गया है और गौवंश वहां कैसे पहुंचा? क्या यह सुनियोजित षड्यंत्र है? पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन इलाके में तनाव है।


