मुजफ्फरनगर के एक सनसनीखेज मामले में बड़ा फैसला आया है। 22 मार्च 2021 को थाना कोतवाली क्षेत्र के छिम्पीवाड़ा में पिता बिजेंद्र ने अपने बेटे दीपक की हथौड़े से हत्या कर दी थी।
इस मर्डर जैसे जघन्य मामले में आरोपी पिता बिजेंद्र को सबूतों के अभाव में जिला न्यायाधीश बिजेंद्र कुमार सिंह की कोर्ट ने बरी कर दिया है। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वकार अहमद ने पैरवी की।

पिता-बेटे में विवाद, फिर हथौड़े से वार
अभियोजन की कहानी के अनुसार पिता बिजेंद्र और बेटा दीपक एक ही घर में रहते थे। किसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई।
आवेश में आकर पिता ने बेटे दीपक पर हथौड़े से वार कर दिया। दीपक की मौके पर ही मौत हो गई।
मामले में आरोपी की पत्नी एवं मृतक की मां पूनम ने मुकदमा दर्ज कराया था।
कोर्ट में 5 गवाह पेश, लेकिन सबूत कमजोर

मामले की सुनवाई में कुल 5 गवाह पेश किए गए, जिनमें वादी (मृतक की मां पूनम) और उसकी बेटी भी शामिल थीं। लेकिन कोर्ट ने पाया कि अभियोजन के दावों को साबित करने के लिए ठोस और अपरिवर्तनीय सबूत नहीं थे। सबूतों के अभाव में आरोपी बिजेंद्र को बरी कर दिया गया।
इस मामले ने मुजफ्फरनगर में लंबे समय तक सुर्खियां बटोरी थीं। अब बरी होने के बाद बिजेंद्र पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।


