मुजफ्फरनगर में ‘आउट ऑफ कंट्रोल’ होते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए लखनऊ स्तर से पेंच कसे जाने के बाद स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
बुधवार को स्थानीय प्रदूषण अधिकारी गीतेश चंद्रा और एई कुंवर संतोष के नेतृत्व में जेई राजा गुप्ता की टीम ने बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र में ताबड़तोड़ कार्रवाई की। इस कार्रवाई से उद्योगपतियों में हड़कंप मच गया।
5 लीड इंगट यूनिट्स पर ताला
टीम ने लीड इंगट यूनिट्स… आरके मेटल, एनआर मेटल, प्रिंस मेटल, श्री मेटल और तालिब मेटल को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान उद्योगों के मालिकों और प्रबंधन में खलबली मच गई। लाख मिन्नतों और मोहलत की गुहार लगाने के बावजूद टीम ने किसी की एक नहीं सुनी।

लखनऊ से आई चिट्ठी, 18 उद्योगों पर नाराजगी
यह कार्रवाई लखनऊ मुख्यालय से आई चिट्ठी के बाद हुई, जिसमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सख्त आदेश का जिक्र है। चिट्ठी में जिले की कुल 18 ऐसी ईकाइयों के प्रति नाराजगी जताई गई है, जिनमें ओसीआईएमएस (OCEMS) और पीटीजेड (PTZ- पैन-टिल्ट-ज़ूम) कैमरे नहीं लगाए गए हैं।
ये कैमरे उद्योगों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए लगाए जाते हैं। ओसीआईएमएस कैमरे चिमनियों पर प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी करते हैं, जबकि पीटीजेड कैमरे 360 डिग्री निगरानी के लिए उद्योग के अंदर लगाए जाते हैं।
ये कैमरे सीधे लखनऊ मुख्यालय से जुड़े होते हैं। निर्देशों के बावजूद इन उद्योगों ने कैमरे नहीं लगाए, जिस कारण यह कार्रवाई हुई।

13 पर भी तलवार लटकी
प्रथम चरण में आई चिट्ठी में फिलहाल 18 उद्योगों के नाम हैं। इनमें से 5 पर बुधवार को कार्रवाई हो चुकी है। बाकी पर भी सीलिंग की कार्रवाई होने वाली है। इसके अलावा कई अन्य उद्योगों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगाह है। लखनऊ से उनके खिलाफ आदेश आने बाकी हैं। जैसे ही आदेश मिलेंगे, उन पर भी संभवतः जल्द कार्रवाई होगी।
प्रदूषण अधिकारी का साफ संदेश
स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी गीतेश चंद्रा ने कहा, “ये कार्रवाई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के आदेश पर की गई है। आगे की कार्रवाई भी ऐसे ही जारी रहेगी।”
उन्होंने साफ किया कि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी उद्योग कैमरे नहीं लगाएंगे या प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

उद्योगपतियों में खलबली, जनता में राहत
इस कार्रवाई से बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों में खलबली मच गई है। वहीं इलाके के निवासियों में राहत की सांस ली जा रही है। लंबे समय से लोग प्रदूषण को लेकर शिकायत कर रहे थे। अब लखनऊ से सख्ती के बाद स्थानीय बोर्ड की यह कार्रवाई लोगों को उम्मीद दे रही है कि प्रदूषण पर लगाम लग सकती है।




