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मेरठ में इंटेलीस्मार्ट का बड़ा कदम, आईटीआई और डिप्लोमा धारकों को मिलेगा स्मार्ट मीटरिंग का मुफ्त प्रशिक्षण

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मेरठ। भारत की अग्रणी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ‘इंटेलीस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर’ ने देश के ऊर्जा क्षेत्र और स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने कुशल और तकनीकी रूप से सक्षम मानव संसाधन (वर्कफोर्स) तैयार करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में अपने दूसरे अत्याधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (CoE) की भव्य शुरुआत की है। इससे पहले कंपनी ने ५ जून २०२५ को दादरी (यूपी) में अपना पहला सेंटर स्थापित किया था, जिसके सफल संचालन के तहत अब तक १,६३० से अधिक युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

मेरठ का यह नया केंद्र क्षेत्र के युवाओं को स्मार्ट मीटरिंग से जुड़े तकनीकी और व्यावहारिक कार्यों का पूरी तरह से निशुल्क (Free) प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

क्या मिलेगा इस ट्रेनिंग में और कौन है पात्र?

इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में युवाओं को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि भविष्य के ऊर्जा क्षेत्र की जरूरतों के हिसाब से व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) ट्रेनिंग दी जाएगी।

  • ट्रेनिंग के मुख्य बिंदु: इसके अंतर्गत युवाओं को उपभोक्ता मीटर, डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (DT) मीटर और फीडर मीटर की स्थापना (इंस्टॉलेशन) व कॉन्फ़िगरेशन सिखाया जाएगा। इसके साथ ही उपभोक्ता इंडेक्सिंग, मीटरों का संचालन एवं रखरखाव (O&M), व्यावहारिक कौशल (Soft Skills) तथा दो दिवसीय कड़ा प्रमाणन (Certification) शामिल होगा।

  • योग्यता (Eligibility): इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए देश का कोई भी युवा आवेदन कर सकता है। इसके लिए न्यूनतम आयु १८ वर्ष होनी चाहिए और अभ्यर्थी के पास ITI, डिप्लोमा या बी.टेक (B.Tech) की शैक्षणिक योग्यता होनी अनिवार्य है।

  • करियर के अवसर: यह कोर्स पूरी तरह निशुल्क है। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण और मूल्यांकन पूरा करने वाले युवाओं को कंपनी द्वारा सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें अपनी पसंद के किसी भी एएमआईएसपी (AMISP) नेटवर्क या खुद इंटेलीस्मार्ट कंपनी में ‘मीटर इंस्टॉलर’ के रूप में तत्काल रोजगार हासिल करने का मौका मिलेगा।

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तकनीक के साथ मानव संसाधन में निवेश जरूरी: अनिल रावल

केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर इंटेलीस्मार्ट के एमडी एवं सीईओ श्री अनिल रावल ने भारत के ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) में कुशल कार्यबल की भूमिका को रेखांकित किया।

“भारत का ऊर्जा परिवर्तन केवल आधुनिक तकनीक के बल पर सफल नहीं हो सकता। इसकी वास्तविक सफलता उन लोगों और तकनीशियनों पर निर्भर करेगी, जो इन तकनीकों को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू कर सकें और उनका संचालन कर सकें। भारत जब ५०० गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और २५ करोड़ स्मार्ट मीटर इंस्टॉल करने के महा-लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तब हम उस मानव संसाधन को तैयार कर रहे हैं जो इन लक्ष्यों को साकार करेगा।” — अनिल रावल, एमडी एवं सीईओ, इंटेलीस्मार्ट

“भविष्य स्मार्ट मीटर का है, युवा ज्यादा से ज्यादा सीखें”

इस एक्सीलेंस सेंटर के उद्घाटन के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के मुख्य अभियंता (वाणिज्य) एवं एएमआईएसपी के नोडल अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह ने इंटेलीस्मार्ट की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की।

उन्होंने वहां मौजूद प्रशिक्षुओं और युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अब आने वाला पूरा भविष्य स्मार्ट मीटर और डिजिटल ग्रिड का ही है। ऐसे समय में जब इंटेलीस्मार्ट जैसी प्रतिष्ठित कंपनी युवाओं के लिए मुफ्त तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था कर रही है, तो युवाओं को इस सुनहरे मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे ट्रेनिंग के दौरान ज्यादा से ज्यादा सवाल-जवाब करें, अपनी शंकाओं को दूर करें और हर बारीक तकनीक को गहराई से सीखें, क्योंकि आने वाले समय में ‘स्मार्टनेस’ और हुनर के दम पर ही चीजें आगे बढ़ेंगी और करियर को नई ऊंचाई मिलेगी।

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