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मुजफ्फरनगर के फुलत मदरसे पर अवैध धर्मांतरण और फंडिंग का आरोप, स्वामी यशवीर की वीडियो के बाद जांच में जुटी खुफिया टीमें

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मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का ऐतिहासिक गांव ‘फुलत’ एक बार फिर से कथित अवैध धर्मांतरण (Religious Conversion) के गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों और विवादों के केंद्र में आ गया है। जनपद के प्रमुख योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर एवं प्रखर हिंदू नेता महंत स्वामी यशवीर जी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज वीडियो वायरल किया है। इस वीडियो में उन्होंने फुलत गांव में संचालित ‘दारुल उलूम रहीमिया’ मदरसे पर हिंदुओं के संगठित धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग का एक बहुत बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है।

स्वामी यशवीर महाराज के इस वीडियो के सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल होते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता और सांप्रदायिक सौहार्द को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा ने तत्काल प्रभाव से एक्शन लिया और खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया।

आईबी, एलआईयू और पुलिस की संयुक्त टीम ने मदरसे पर मारा छापा

वीडियो सामने आने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ देश और प्रदेश की शीर्ष खुफिया एजेंसियां हरकत में आ गईं।

  • संयुक्त जांच दल का गठन: एसएसपी के निर्देश पर स्थानीय थाना पुलिस, एलआईयू (Local Intelligence Unit) और आईबी (Intelligence Bureau) की संयुक्त उच्च स्तरीय टीमों ने तत्काल ‘दारुल उलूम रहीमिया’ मदरसे में डेरा डाल दिया।

  • घंटों चली पूछताछ: खुफिया अधिकारियों और पुलिस ने मदरसे के दस्तावेजों, वहां पढ़ने वाले छात्रों के रिकॉर्ड और प्रबंधकों से कई घंटों तक गहनता से पूछताछ की और जांच पड़ताल की।

  • शुरुआती जांच रिपोर्ट: प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पहले दिन की गई इस मैराथन जांच पड़ताल में अभी तक सीधे तौर पर धर्मांतरण या किसी संदिग्ध गतिविधि से जुड़ा कोई ठोस और पुख्ता सबूत हाथ नहीं लगा है। इसके बावजूद, पुलिस और खुफिया विभाग मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर एक बिंदु और बैकग्राउंड हिस्ट्री की बेहद गहनता से जांच (Deep Investigation) कर रहे हैं।

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“10-12 साल से चल रहा है खेल, बदले जा चुके हैं नाम”— स्वामी यशवीर महाराज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए वीडियो संदेश में स्वामी यशवीर जी महाराज ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए कई विशिष्ट नाम और दावे उजागर किए हैं:

स्वामी जी के मुख्य आरोप: “मुजफ्फरनगर के खतौली कस्बे के पास स्थित ग्राम फुलत में ‘उलूम रहीमिया मदरसा’ चलाया जा रहा है, जिसके संचालक मौलाना हीफरजू रहमान अंसारी और उनका बेटा मौलाना जुबेर अंसारी हैं। इस मदरसे में पिछले १० से १२ वर्षों से सुनियोजित तरीके से हिंदुओं का धर्मांतरण कराया जा रहा है। बाहर से हिंदू लड़कियों को लाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता है और फिर मुस्लिम युवकों से निकाह करा दिया जाता है।”

वीडियो में स्वामी जी द्वारा पेश किए गए उदाहरण:

  1. मामला १: ग्राम भैंसी निवासी जुगनू शर्मा (पुत्र मोहन शर्मा) का धर्मांतरण कराकर उसका नाम अब ‘अब्दुल रहमान’ कर दिया गया है, जो वर्तमान में इसी मदरसे के पास रह रहा है।

  2. मामला २: मेरठ के ग्राम काशी निवासी विक्रम (पुत्र तिलक राम) का धर्म परिवर्तन कराकर उसका नाम अब ‘अकरम’ रख दिया गया है।

स्वामी यशवीर महाराज ने आगे आरोप लगाया कि इन पिता-पुत्र (मौलानाओं) के पास दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अरबों रुपये की बेनामी संपत्ति है, जिसका इस्तेमाल इस पूरे धर्मांतरण सिंडिकेट की फंडिंग के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसे ने सरकारी और ग्राम समाज की जमीन पर भी अवैध कब्जा कर रखा है और वहां स्थित एक प्राचीन कुएं को बंद कर दिया है, जहां हिंदू महिलाएं पारंपरिक ‘कुआं पूजन’ के लिए जाती थीं।

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स्वामी जी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मदरसे को तुरंत सील किया जाए, इसकी संपत्तियों की निष्पक्ष और निडर अधिकारियों से जांच कराई जाए और आरोपियों को जेल भेजा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे समस्त हिंदू समाज को साथ लेकर इस मदरसे का ऐतिहासिक घेराव करेंगे और अनिश्चितकालीन दिन-रात का धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे।

पूर्व में मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी से जुड़ा है इतिहास

गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर का यह फुलत गांव देशव्यापी स्तर पर अवैध धर्मांतरण के मामलों के लिए नया नहीं है। कुछ वर्ष पूर्व इसी फुलत गांव के एक अन्य बड़े मदरसे के संचालक और प्रख्यात इस्लामिक स्कॉलर मौलाना कलीम सिद्दीकी को उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (UP ATS) ने देश के सबसे बड़े अवैध धर्मांतरण रैकेट और विदेशी फंडिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया था। मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के बाद से ही फुलत गांव सुरक्षा एजेंसियों और देश के मीडिया की रडार पर लगातार बना रहता है, यही वजह है कि ताजा आरोपों ने एक बार फिर पुराने विवादों को हवा दे दी है।

एसएसपी संजय कुमार वर्मा का आधिकारिक बयान

पूरी घटना और उत्पन्न हुए तनाव पर मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा:”सोशल मीडिया और वीडियो के माध्यम से हमें एक शिकायत और सूचना प्राप्त हुई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मेरे द्वारा तुरंत एसपी ग्रामीण (SP Rural) के नेतृत्व में एक विशेष संयुक्त जांच टीम का गठन कर दिया गया है। इस टीम में क्षेत्राधिकारी (CO) बुढ़ाना, एलआईयू (LIU) और आईबी (IB) के विंग शामिल हैं। सभी एजेंसीज संयुक्त रूप से हर एक आरोप, जमीन के कागजात और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही हैं। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य प्रकाश में आएंगे, उसके अनुसार कानून व्यवस्था के तहत बिना किसी पक्षपात के अत्यंत कठोरतम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

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