Home » उत्तर प्रदेश » मुजफ्फरनगर पोस्ट » ‘लेखपाल-कानूनगो ने धमकाया, कहा- हमारा लिखा कोई नहीं काट सकता’: विधवा ने राजस्व अधिकारियों पर लगाए डराने–धमकाने के आरोप, DM से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

‘लेखपाल-कानूनगो ने धमकाया, कहा- हमारा लिखा कोई नहीं काट सकता’: विधवा ने राजस्व अधिकारियों पर लगाए डराने–धमकाने के आरोप, DM से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

Facebook
Twitter
WhatsApp

मुज़फ्फ़रनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के मिमलाना गांव की एक महिला ने लेखपाल और कानूनगो पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे ज़िला कलेक्ट्रेट पहुंची महिला ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद में शिकायत करने पर दोनों राजस्व अधिकारियों ने उसकी मदद करने के बजाय उसे धमकाया और कहा कि “जो मिल रहा है, ले लो, वरना इससे भी हाथ धो बैठोगी… हमारा लिखा कोई नहीं काट सकता।”

पीड़िता अपने भाई के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर DM के नाम शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पीड़िता रसीला पुत्री कालू, निवासी ग्राम मिमलाना का कहना है कि उसने गांव के खसरा संख्या-518 की भूमि खरीदी थी। जमीन पर उसने बाउंड्री कराई और एक कमरा भी बनवाया था। आरोप है कि 27 जून को गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और कथित रूप से उसका कमरा, बरामदा और दीवारें तोड़ दीं।

महिला का कहना है कि इस भूमि विवाद में कमिश्नर स्तर से आदेश जारी हो चुके हैं, जिनमें केवल कब्जा दिलाने (कुर्रा) की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश थे। इसके बावजूद कथित रूप से निर्माण ध्वस्त कर दिया गया। महिला का दावा है कि इस आदेश के विरुद्ध मामला बोर्ड ऑफ रेवेन्यू, प्रयागराज में भी लंबित है।

पीड़िता का सबसे गंभीर आरोप राजस्व अधिकारियों पर है। उसने प्रार्थना पत्र में कहा है कि जब वह सदर तहसील के लेखपाल और कानूनगो के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंची तो उन्होंने उसकी बात सुनने के बजाय कथित रूप से धमकाया। महिला के अनुसार अधिकारियों ने कहा कि “हम जैसा चाहेंगे, वैसा ही होगा, हमारे लिखे को कोई नहीं काट सकता।”

ALSO READ THIS :  मुजफ्फरनगरः सलेमपुर फायरिंग कांड के बदमाशों का एनकाउंटर! कई किमी तीन पहियो पर दौड़ाई थार!

महिला ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, लेखपाल और कानूनगो की भूमिका की भी जांच हो तथा कथित रूप से निर्माण तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें