तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई और तदफीन (दफन) की रस्में दूसरे दिन भी अत्यंत गमगीन माहौल और जनसैलाब के बीच जारी रहीं। राजधानी तेहरान की सड़कों पर लाखों की संख्या में उमड़े भावुक लोगों ने अपने रहबर को अंतिम विदाई दी। इस ऐतिहासिक जनाजे में दिवंगत सुप्रीम लीडर के तीन बेटों ने शिरकत की, लेकिन सुरक्षा के बेहद कड़े और संवेदनशील घेरे के बीच ईरान के नवनियुक्त सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई इस अंतिम संस्कार में नजर नहीं आए। खुफिया इनपुट और इजरायल की ओर से संभावित मिसाइल या ड्रोन हमले की गंभीर आशंका को देखते हुए मोजतबा ने इस सार्वजनिक समारोह से पूरी तरह दूरी बनाए रखी।
वरिष्ठ धर्मगुरु ने अदा कराई नमाज, शीर्ष नेतृत्व रहा मौजूद
ईरानी मीडिया और सरकारी न्यूज एजेंसी ‘तस्नीम’ के लाइव टेलीकास्ट के अनुसार, दिवंगत सुप्रीम लीडर की नमाज-ए-जनाजा देश के बेहद प्रतिष्ठित और वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्ला जाफर सोभानी ने संपन्न कराई। इस दौरान मुख्य रूप से खामेनेई के तीन बेटे मसूद, मेयसम और मुस्तफा अपने पिता के ताबूत के पास खड़े नजर आए। इस अत्यंत भावुक क्षण में ईरान का पूरा शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व एक साथ खड़ा दिखाई दिया। जनाजे में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, न्यायपालिका प्रमुख गोलामहुसैन मोहसिनी एजेई, रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) के कमांडर अहमद वाहिदी और कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल इस्माइल कानी समेत कई विदेशी प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मासूम पोती सहित परिवार के चार अन्य सदस्य भी होंगे दफन
अंतिम संस्कार के इस कार्यक्रम में उस समय माहौल और भी अधिक भावुक हो गया, जब अयातुल्ला अली खामेनेई की महज 14 महीने की पोती का छोटा सा ताबूत भी तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला (मुख्य नमाज स्थल) लाया गया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, दिवंगत सुप्रीम लीडर के साथ उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों को भी सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा, जिनका हालिया संघर्ष या हादसों में निधन हुआ था। रविवार को मोसल्ला में आयोजित विशेष सभा में इन सभी के पार्थिव शरीरों पर अंतिम मजहबी रस्में अदा की गईं, जिसे देखकर वहां मौजूद हजारों नागरिकों की आंखें नम हो गईं।
ईरान से इराक तक एक सप्ताह चलेगा विदाई का सफर
ईरान की आधिकारिक संवाद समिति ‘आईआरएनए’ के मुताबिक, सर्वोच्च नेता के सम्मान में तदफीन का यह व्यापक कार्यक्रम कुल सात दिनों तक चलेगा, जिसके तहत पार्थिव शरीर को ईरान और इराक के विभिन्न पवित्र शहरों में ले जाया जाएगा।
तय कार्यक्रम के अनुसार, सोमवार को तेहरान के ऐतिहासिक रिवोल्यूशन स्क्वायर (मेयदान-ए-एंगेलाब) से एक विशाल और ऐतिहासिक अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें देश भर से लाखों लोगों के जुटने की संभावना है। इसके बाद मंगलवार को शव को देश की धार्मिक राजधानी कहे जाने वाले ‘कोम’ शहर ले जाया जाएगा। बुधवार को पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से पड़ोसी देश इराक पहुंचेगा, जहां शिया समुदाय के सबसे पवित्र स्थलों नजफ और कर्बला में विशेष श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित होंगी। अंततः गुरुवार को पार्थिव शरीर वापस ईरान लाया जाएगा, जहां उनके पैतृक और गृह नगर मशहद में स्थित पवित्र ‘इमाम रजा दरगाह’ परिसर के भीतर उन्हें पूरे राजकीय व धार्मिक सम्मान के साथ हमेशा के लिए सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाएगा।



